सोनभद्र। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया है। शुक्रवार को डीएम-एसपी ने मुख्यालय पर स्थित सभी उपकेंद्रों में पहुंचकर आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। किसी प्रकार के व्यवधान से निपटने के लिए तैयारियों की जानकारी ली। निगम के अधिकारियों को कर्मचारियों से समन्वय बनाकर आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।
बिजली कर्मचारियों के संगठन ने छह दिसंबर से आंदोलन का एलान किया था। पूर्व में आंदोलन के दौरान आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त रहने से जनजीवन प्रभावित हुआ था। इसके मद्देनजर इस बार प्रशासन पहले से ही सतर्क है। शासन के निर्देश पर शुक्रवार को डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा ने 33/11 विद्युत उपकेंद्र राॅबर्ट्सगंज, 220 एवं 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र छपका का किया औचक निरीक्षण किया। डीएम ने वर्कशाप में ट्रांसफॉर्मर व अन्य उपकरणों की मरम्मत संबंधी उपकरणों की उपलब्धता की जानकारी ली। डीएम ने एसई संजीव सिंह वैश्य व एक्सईएन एके सिंह से विद्युत आपूर्ति के शेड्यूल के संबंध में जानकारी ली। आपूर्ति में किसी तरह का व्यवधान होने पर संविदा कर्मचारियों की मदद लेने का निर्देश दिया। इस दौरान सीसीटीवी कैमरा चालू हालत में न होने पर उसकी तुरंत मरम्मत कराने के निर्देश दिए। डीएम ने एकमुश्त समाधान योजना के बारे में जानकारी ली। इसके बारे में लोगों को जागरूक करने को कहा, जिससे ज्यादा लाभ लिया जा सके। इस दौरान एएसपी कालू सिंह आदि मौजूद रहे।
एकमुश्त समाधान योजना में कराएं पंजीकरण
डीएम बद्रीनाथ सिंह ने बिजली निगम की एकमुश्त समाधान योजना के बारे में जानकारी ली। निगम के अफसराें ने बताया कि यह योजना घरेलू वाणिज्यिक, निजी संस्थाओं एवं औद्योगिक संयोजनों के 30 सितंबर तक के सरचार्ज पर नियमानुसार छूट देय होगी। निजी नलकूप के संयोजनों पर एकमुश्त समाधान योजना पूर्व से लागू है। यह योजना तीन चरणों में होगी। पहला चरण 15 से 31 दिसंबर तक, द्वितीय चरण 01 से 15 जनवरी और तृतीय चरण 16 से 31 जनवरी तक है। प्रथम चरण में सरचार्ज में सबसे अधिक छूट मिलेगी।