घर-घर जाकर जानी समस्या
रविवार को जिले का प्रशासनिक अमला फ्लोराइड से सबसे ज्यादा प्रभावित कोन ब्लॉक के पडरक्ष गांव पहुंचा। डीएम बद्रीनाथ सिंह के साथ स्वास्थ्य और जलनिगम के भी अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने गांव के पटेलनगर, नई बस्ती सहित अन्य टोलों में पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की।
घरों में जाकर उनके द्वारा उपयोग किए जा रहे पानी की गुणवत्ता की जांच कराई। गांव की बड़ी आबादी में फ्लोराइड के प्रभाव से हड्डियों के टेढ़े और कमजोर होने पर चिंता जताई। चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।
उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि प्राथमिकता के आधार पर जल स्रोतों की जांच कराई जाए और हर घर नल से जल योजना को जल्द से जल्द चालू कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
डीएम ने निर्देश दिए कि जब तक पाइप से जल आपूर्ति योजना पूरी तरह सक्रिय नहीं हो जाती, तब तक गांव में टैंकर के माध्यम से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सीएमओ को भी निर्देशित किया कि गांव में कैंप लगाकर फ्लोराइड प्रभावित लोगों का इलाज सुनिश्चित किया जाए।
खट्टी चीजों का सेवन फायदेमंद : सीएमओ
उन्होंने बताया कि कुछ घरों में नल से जल योजना के तहत जल आपूर्ति हो रही है, लेकिन लोगों में जागरूकता की कमी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे टोटी से आने वाले शुद्ध जल का ही सेवन करें। पटेल नगर के शिवदास शर्मा के हैंडपंप के जल की गुणवत्ता की जांच कराई। उन्होंने सुरेश पटेल और राम प्रसाद के घरों में लगे टोटी से जल की स्थिति का भी जायजा लिया।
डीएम ने कहा कि जहां भी नल से पानी आ रहा है, वह सिर्फ उसी पानी का इस्तेमाल करें। हैंडपम्प, कुएं का पानी न पिएं। ग्रामीणों को इसके लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान एडीएम (नमामि गंगे) रोहित यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार, एसडीएम ओबरा विवेक सिंह और जल निगम के अधिशासी अभियंता सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
गांव के हैंडपंप का भी जाना हाल।
- फोटो : अमर उजाला
ग्राम समूह पेयजल परियोजना का भी किया निरीक्षण
डीएम ने ग्राम समूह पेयजल परियोजना पड़रछ का भी निरीक्षण किया। यह परियोजना फ्लोराइड प्रभावित गांव में जलापूर्ति के लिए बनी थी, लेकिन वहां इससे अब तक पानी नहीं पहुंचा। उन्होंने तकनीकी खामियों को दूर कर जल निगम के अधिकारियों को जल्द से जल्द इसे पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के 120 गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।
पानी उबालकर न पिएं, इमली का सेवन करें
निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने फ्लोराइड की अधिकता से हो रही बीमारी से बचाव के लिए शुद्ध पानी को जरूरी बताया। कहा कि पानी को उबालकर पीना और खतरनाक हो सकता है। इससे फ्लोराइड की सान्द्राता और बढ़ जाती है। आरओ फ़िल्टर से आ रहा पानी ही पिएं। भोजन में इमली और अन्य खट्टी चीजों का सेवन फायदेमंद होगा।
व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में दिखा गुस्सा
लंबे समय से फ्लोराइड युक्त पानी पी रहे ग्रामीणों में व्यवस्था को लेकर काफ़ी नाराजगी दिखी। अफसरों के सामने उन्होंने खुलकर अपनी पीड़ा रखी। बताया कि जलनिगम के लोग पहले भी साफ पानी देने का आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन अब तक पानी नहीं मिला।
हैंडपम्प में लगे फ्लोराइड रिमूवल प्लांट कुछ दिन में ही बेकार हो जाते हैं। रिमूवल किट भी बंद पड़े हैं। कभी कोई अधिकारी यहां झांकने भी नहीं आता। अरसे बाद कोई डीएम पहुंचा है। डीएम ने ग्रामीणों की सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया।
अफसरों की बाट जोहते रहे रिंकी और रोहित
कोन ब्लॉक का कचनरवा गांव भी फ्लोराइड से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में है। इस गांव में भी रविवार को अफसरों के पहुंचने की सूचना थी। इसे लेकर ग्रामीण उत्साहित थे। फ्लोरोसिस से ग्रसित बिस्तर पकड़ चुकी 25 वर्षीय रिंकी और 14 साल के रोहित सहित अन्य ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अफसर उनकी सुध लेने पहुंचेंगे, लेकिन उनके हिस्से मायूसी ही आई। अफसरों का काफिला पडरक्ष से ही लौट गया।