डीएम बद्रीनाथ सिंह ने सोमवार को एआरटीओ कार्यालय का निरीक्षण किया। वह ठीक 10.12 बजे कार्यालय पहुंचे तो वहां न दोनों एआरटीओ थे और न ही प्रधान सहायक। कम्प्यूटर कक्ष में एक बाहरी व्यक्ति मौजूद था, जिसका कार्यालय के रिकॉर्ड में कोई जिक्र नहीं था।
इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने किसी भी बाहरी और अनधिकृत व्यक्ति को कार्यालय में प्रवेश न देने की सख्त हिदायत दी। डीएम सुबह संपूर्ण समाधान के लिए आवास से निकले और सीधे एआरटीओ कार्यालय पहुंच गए। वह सीधे एआरटीओ के कक्ष में गए तो वहां न प्रवर्तन अधिकारी राजेश्वर यादव थे और न प्रशासन धनबीर यादव।
कार्यालय कक्ष में प्रधान सहायक ललित नारायण त्रिपाठी का भी सवा दस बजे तक कुछ पता नहीं था। डीएम ने अनुपस्थित कार्मिक व अधिकारी को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेखागार का निरीक्षण किया तो कक्ष में गंदगी पाई गई, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए साफ सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के निर्देश दिए।
आय व्यय से संबंधित पत्रावलियों के निरीक्षण में पता चला कि 19.5 करोड़ रुपये वाहन कर की नोटिस के बाद भी आरसी अब तक जारी नहीं की गई है। उन्होंने संबंधित को वाहन कर की आरसी शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरआई आलोक यादव से पूछा कि एआरटीओ प्रवर्तन और प्रशासन कब-कब और किस कक्ष में बैठते हैं।
आरआई ने बताया कि दोनों एआरटीओ एक ही कक्ष में बैठते हैं। निरीक्षण के दौरान एक प्राइवेट व्यक्ति कम्प्यूटर कक्ष में मिला। डीएम ने आरआई को निर्देशित करते हुए कहा कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति कार्यालय में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें। इसका विशेष रूप से ध्यान दिया जाए।
उन्होंने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को समय से कार्यालय में उपस्थित रहकर जन समस्याओं का निस्तारण गुणवत्ता पूर्ण तरीके से करने की हिदायत दी। कहा कि कार्यालय में विलंब से आने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।