जिला पंचायत कार्यालय में बुधवार को ठेकेदारों ने जमकर हंगामा किया। अपर मुख्य अधिकारी आलोक सिंह पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए वह धरने पर बैठ गए। खबर मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेश चौबे कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंचे और उनका समर्थन किया। इससे मामला गरमा गया। जानकारी मिलते ही धरनास्थल पर फोर्स के साथ सदर एसडीएम हर्ष देव पांडेय ने पहुंच कर ठेकेदारों की समस्याएं सुनी और उन्हें समझा-बुझा कर शांत कराया।
धरने को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेश चौबे ने कहा कि जिपं दफ्तर भ्रष्टाचार का अड्डा है। एमए और जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने चहेते ठेकेदारों को करोड़ों रुपये का कार्य आवांटित किया है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। संदीप मिश्रा ने कहा कि सुबह दस बजे जिला पंचायत कार्यालय मेें ठेकेदार अपर मुख्य अधिकारी आलोक सिंह से करीब 20 करोड़ की लागत से चोरी से किए जा रहे 142 निर्माण कार्यों के बारे में पूछताछ करने के लिए पहुंचे तो वह आग बबूला हो गए।
इतना ही नहीं एमए ने ठेकेदारों के साथ बदसूलकी भी की। इसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंटू मिश्रा, संजू तिवारी और श्यामलाल आदि लोगों ने कहा कि निर्माण कार्य से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। कहा कि यदि उनकी मांगे नहीं मांगी गई तो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर राम सिंह, राजू, पिंटू मिश्रा, नन्हें चौबे, बबलू पांडेय, बिन्नू पाठक मौजूद रहे।