सोनभद्र के उभ्भा कांड के बाद अचानक से जमीन खारिज के मामलों में हुई बढ़ोत्तरी के बीच बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिस बाबू (जिला भूमि व्यवस्था लिपिक) के जरिए जमीन संबंधित पत्रावलियों का परीक्षण कराया जा रहा था, वहीं लिपिक अवैध उगाही का दोषी पाया गया है। अधिकारियों के नाम पर रुपये मांगने की ऑडियो क्लिप की जांच के बाद डीएम एस. राजलिंगम ने लिपिक शंभूनाथ को बर्खास्त कर दिया है। इससे कर्मियों में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
जांच में जिला भूमि व्यवस्था लिपिक शंभूनाथ द्वारा उच्चाधिकारियों के नाम पर रुपये मांगने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्त कर दिया गया है। कहा कि शासन के मंशानुसार कार्य न करने वाले कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन विज्ञापन
एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी