पूर्व छात्र संघ महामंत्री राकेश रोशन बागी ने कहा कि 10-11 वर्षों का टैक्स एक साथ वसूलना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि स्वकर की वसूली वर्ष 2026 से लागू की जाए और पुराने बकाये को समाप्त किया जाए। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता विकास शर्मा ने इसे मानवाधिकार से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि विभागीय लापरवाही का बोझ जनता पर नहीं डाला जाना चाहिए।
इस मामले में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजीव मोहन सक्सेना (पीसीएस) ने कहा कि वर्ष 2015 से स्वकर लागू होने और 2020 की बोर्ड बैठक के निर्णयों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमों के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।