हसोनभद्र। वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते लॉकडाउन की स्थिति है। ऐसे में होम्योपैथ के जनक डॉ. हैनीमैन की जयंती घरों में ही मनी। व्हाट्सएप ग्रुप पर चिकित्सकों ने वर्तमान परिवेश में होम्योपैथ चिकित्सा एवं चिकित्सक की भूमिका पर अपने विचार रखे। जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके सोनी ने कोरोना वायरस व होम्योपैथ के डायनामिक एक्शन के बारे में बताया। डॉ. राज मोहन पांडे ने वायरस को लेकर एक नए शोध की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. रेखा प्रजापति ने होम्योपैथिक दवा की मीठी गोलियों से संपूर्ण निदान की बात कही ।
चंद्र भूषण देव पांडे, इंद्र बहादुर व अंजनी ने भी अपने विचार व्यक्ति किये। डॉ. वेद मिश्रा एवं डॉ आनंद नारायण ने होमियोपैथ की सीमाओं के बारे में बताया। डॉ. संजय कुमार सिंह ने कहा होम्योपैथ में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की ताकत होती है। इसीलिए भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार आयुष मंत्रालय के दिए निर्देशानुसार होम्योपैथिक दवा का सेवन कराया जाए तो निश्चय ही जनमानस को कोरोना के खिलाफ लड़ने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में डॉ. अभिषेक, डॉ. जय सिंह, डॉ. अर्जुन सिंह, डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. मनोज, डॉ. संतोष गौतम, डॉ. शैलेश श्रीवास्तव, डॉ. अविनाश, डॉ. केके गुप्ता, डॉ. रवि शंकर, डॉ .एसपी गुप्ता, डॉ. सुनील भारती ने विचार व्यक्त किया। संचालन डॉ. कुसुमाकर ने किया।