शक्तिनगर। क्षेत्र में कई दिनों से जारी बारिश ने कोल प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुख्य खदानों में पानी भरने से कोयला उत्पादन पर असर पड़ने लगा है। सबसे बुरा हाल एनसीएल के दुद्धीचुआ कोयला प्रोजेक्ट के खदान क्षेत्र की है। यहां मुख्य खदान में बारिश के पानी में पांच दिन पहले डूबे सौ टन भार वहन क्षमता के करोड़ों के डंपर को अथक प्रयास के बाद रविवार को बाहर निकाल लिया गया। कोल प्रोजेक्ट के कर्मचारियों के मुताबिक जून माह में उम्मीद से काफी अधिक बारिश के पानी का दबाव बढ़ने से जल निकासी की व्यवस्था छोटी पड़ गई। बावजूद खदान क्षेत्र के मुख्य कोल सेक्शन में जमे पानी व मशीनों को निकालने का कार्य किया जा रहा है। कुछ इसी तरह की स्थिति अन्य कोयला खदानों में भी है। बारिश की वजह से खदानों में फिसलन बढ़ने का असर कोल परिवहन के साथ अन्य गतिविधियों पर देखा जा रहा है। रविवार को भी हुई बारिश से कोल उत्पादन प्रभावित हुआ।
बताया जा रहा है कि बारिश के वजह से कोल प्रबंधन को बड़ी क्षति पहुंची है। एनसीएल के प्रवक्ता राम विजय सिंह ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से पैदा हुई स्थिति से निबटने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि दुद्धीचुआ में बड़े पंपों के जरिए पानी निकालने का कार्य किया जा रहा है। पानी घुसने से कोयला उत्पादन पर प्रभावित हुआ है।