राबर्ट्सगंज अंबेडकर नगर कड़े शीतला माता की सजी प्रतिमा।
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सोनभद्र। वासंतिक नवरात्र के छठवें दिन भक्तों ने मातारानी के छठवें स्वरूप कात्यायनी की पूजा अर्चना की। रविवार को कर्फ्यू के चलते देवी मंदिरों में पुजारी ने पूजा की। अन्य भक्तों के लिए देवी मंदिरों के कपाट बंद रहे। ऐसे में लोगों ने अपने घरों में रहकर देवी की आराधना की और सुख-समृद्धि की कामना की। कोरोना से मुक्ति के लिए मातारानी से प्रार्थना भी की गई।
कोविड संक्रमण के नियंत्रित करने को प्रशासन ने शनिवार की रात से सोमवार की सुबह सात बजे तक कर्फ्यू घोषित किया गया है। कर्फ्यू के चलते रविवार को बाजार में सभी तरह के व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। इसके साथ ही देवी मंदिरों में भी आम श्रद्धालुओं के आवाजाही पर रोक रही। राबर्ट्सगंज नगर स्थित प्राचीन शीतला मंदिर, आंबेडकर नगर स्थित कड़े माता शीतला मंदिर, दंडईत बाबा मंदिर परिसर स्थित दक्षिणेश्वर काली, दुर्गा मंदिर, पूरब मोहाल स्थित सातो शीतला मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह-शाम के वक्त संबंधित मंदिर के पुजारी ने ही पूजा की। कर्फ्यू के चलते पूूरे दिन आम भक्तों के लिए मंदिरों के कपाट भक्तों के लिए बंद रहे। भक्तों ने नवरात्र के छठवें दिन कर्फ्यू होने से अपने घरों में रहकर देवी दुर्गा के छठवें स्वरूप देवी कात्यायनी की आराधना किए। दुुर्गा सप्तशती का पाठ कर आरती पूजन किए। मातारानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। शाम के वक्त मंदिरों में आरती पूजन के दौरान इक्का-दुक्का भक्तों की भीड़ पहुंची। मंदिर जाने वाले भक्तगण मास्क लगाए रहें। डाला: पूर्वांचल के मंदिरों में शुमार वैष्णो देवी मंदिर में कर्फ्यू का असर रहा। कर्फ्यू के चलते मंदिर के साथ परिसर में खुले दुकान बंद रहे। मंदिर के पुजारी ने सुबह-शाम मंदिर में पूजा की।