सावन के आखिरी सोमवार को जिले भर में श्रद्धालुओं ने शिवालयों में जलाभिषेक किया। गुप्तकाशी के रूप में विख्यात शिवद्वार में एक लाख से अधिक कांवरियों का रेला उमड़ा। यहां भक्ति गीतों पर थिरक रहे कांवरियों ने विविधवत दर्शन-पूजन किया।
इसके अलावा जिले के अन्य शिवालयों में भी कांवरियों ने जलाभिषेक किया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम कांवरियों की सेवा में जुटी हुई थी।
अर्धरात्रि के बाद शिवद्वार में पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उमा-माहेश्वर का पूजन-अर्चन कर मंदिर का कपाट खोला।
इसकेे बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सर्वप्रथम डाक बम कांवरियों ने कतारबद्ध होकर मंदिर परिसर की परिक्रमा कर उमा-माहेश्वर पर जलाभिषेक किया। दो बजे के करीब अचानक कांवरियों का भीड़ उमड़ने पर एक बार प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों में खलबली मच गई। हालांकि मेले के नोडल अधिकारी एएसपी शंभूशरण यादव, घोरावल एसडीएम कैलाश सिंह, सीओ सच्चिदानंद सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे।
इनकी देख-रेख में कांवरियों ने पूजन-अर्चन किया। वहीं सोमवार की अलसुबह गुप्तकाशी में श्रद्धालुओं का भी हुजूम उमड़ पड़ा। जिले के अलावा मिर्जापुर, वाराणसी, इलाहाबाद, मध्य प्रदेश के सिंगरौली, सिद्धी समेत अन्य जिले के काफी संख्या में श्रद्धालु उमा-माहेश्वर का दर्शन करने के लिए पहुंचे।
डीएम संजय कुमार और एसपी शिव शंकर यादव मातहतों से पल-पल की जानकारी लेते रहे। राबर्ट्सगंज में स्थित वीरेश्वर महादेव मंदिर और शोभनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। बरैला गांव मेें स्थित भोले शंकर मंदिर, विष्णु मंदिर,बरकरा के बुढ्ऊ महादेव मंदिर, गौरीशंकर मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। चोपन स्थित सोन नदी से समाजसेवी रामशकल चौबे के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने जल भर कर बढ़ौली गांव में स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक किया।
चुर्क संवाददाता के अनुसार रौप गांव में स्थित सुप्रसिद्ध पंचमुखी मंदिर में शिवलिंग पर कांवरियों ने जलाभिषेक किया। यहां मंत्रोचार के साथ श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया।
मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर फोर्स तैनात रही।दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार सावन माह के अंतिम सोमवार को शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से शाम तक जलाभिषेक का दौर चला। नगर के प्रमुख शिव मंदिर कैलाश कुंज द्वार, शिव पहाड़ी, शिव मंदिर महुली में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन और जलाभिषेक किया।