ओबरा परियोजना से सटे आठ किमी दायरे के गांवों में करीब 32 करोड़ रुपये से विकास कार्य होगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। परियोजना ने डीएम से संस्तुति कराकर फाइल भेजा है। बजट मिलने पर चयनित गांवों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े बुनियादी कार्य कराए जाएंगे। परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. संजय तिवारी के मुताबिक बजट आते ही विकास कार्य शुरू करा दिये जाएंगे।
ओबरा सी परियोजना के निर्माण को लेकर शासन स्तर पर कवायद तेज कर दी गई है। जमीनों के समतलीकरण का कार्य जोरों पर चल रहा है। कई अन्य तरह के निर्माण कार्य भी कराए जा रहे हैं। इसी के साथ परियोजना के निर्माण में खर्च होने वाली संभावित धनराशि का कुछ हिस्सा निर्माणाधीन परियोजना स्थल के ईर्द-गिर्द के गांवों के विकास पर भी खर्च होना है।
सीएसआर मद से ग्रामीण क्षेत्रों में कराए जाने वाले विकास कार्यों के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। परियोजना के अफसरों ने करीब आठ किमी दायरे वाले गांवों को चयनित किया है। इन गांवों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा आदि बुनियादी कार्य होने हैं। इसके लिए परियोजना प्रशासन ने करीब 36 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। शासन से पैसा मिलने के बाद संबंधित गांवों में विकास कार्य शुरू करया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन से भी अनुमति ली गई है। एडीएम रामचंद्र ने बताया कि पूर्व में परियोजना के अधिकारियों के साथ इसको लेकर बैठक हो चुकी है।
उधर ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. संजय तिवारी ने बताया कि ओबरा सी परियोजना के निर्माण पर जितना धन खर्च होगा, उसका कुछ हिस्सा सीएसआर मद में मिलेगा। इसके लिए 36 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है लेकिन इसमें से 32 करोड़ रुपये ही मिलना है।