पांच सौ और एक हजार की नोट का प्रचलन बंद होने के बाद गुरुवार को 152 बैंकों में धन निकासी से ज्यादा जमा करने की होड़ मची रही। बैंकों के बाहर धन जमा करने को लंबी कतार लगी रही। स्थिति को पूर्व में ही भांपते हुए प्रशासन ने सभी बैंकों पर पुलिस कर्मी तैनात कर दिए थे। लीड बैंक मैनेजर करुणेश कुलश्रेष्ठ के मुताबिक पहले दिन करीब तीन सौ करोड़ रुपये जमा हुए और महज करीब 20 करोड़ रुपये की निकासी हुई।
सुबह आठ बजे से ही बैंकों के इर्द-गिर्द मंडरा रहे लोग सुबह साढ़े नौ बजते-बजते कतार में नजर आए। सुरक्षा के मद्देनजर बैंक के बाहर से लेकर अंदर तक पुलिस निगरानी करती रही। राबर्ट्सगंज नगर में स्थित भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत अन्य बैंकों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लगी।
बैंकों में देर शाम तक रुपये जमा करने और निकालने का कार्य चला। सुरक्षा के मद्देनजर सभी बैंकों में पर्याप्त फोर्स तैनात रही। सीटी क्षेत्राधिकारी केराम और कोतवाल अलग-अलग बैंकों का भ्रमण कर जायजा लेते रहे।
रामगढ़, खलियारी और वैनी संवाददाता के मुताबिक सुबह सात बजे से ही बैंकों पर रुपये जमा करने और निकालने के लिए उपभोक्ता एकत्र होने लगे थे। घंटों लाइन में उपभोक्ताओं को खड़ा होना पड़ा।
घोरावल, शाहगंज, करमा और मधुपुर कस्बे मेें स्थित बैंकों पर भीड़ लगी रही। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता सबसे अधिक परेशान दिखे। चोपन, डाला, रेणुकूट, दुद्धी, ओबरा, कोन, विण्ढमगंज, म्योपुर, बभनी प्रतिनिधि के अनुसार पांच सौ और एक हजार की नोट बंद होने से लोग घबरा गए है।
घरेलू कार्यों के लिए घर में रखे पांच सौ और एक हजार की नोट जमा करने और उसे बदल कर रुपये लेने के लिए बैंकों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ लगी रही। कई बैंकों पर लाइन में आगे-पीछे होने की बात को लेकर उपभोक्ताओं ने आपस में नोकझोंक भी किया। समाचार लिखे जाने तक लीड बैंक मैनेजर करुणेश कुलश्रेष्ठ के मुताबिक पहले दिन करीब तीन सौ करोड़ रुपये जमा हुए और महज करीब 20 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी। उन्होंने कहा कि बैंकों पर उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।