राबर्ट्सगंज तहसील में मुआवजे के लिए धरने पर बैठे चकाड़ी गांव के ग्रामीण।
नुकसान फसल का मुआवजा न मिलने से नाराज ओबरा थाना क्षेत्र के चकाड़ी गांव के ग्रामीणों ने सदर तहसील परिसर मेें शुक्रवार से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने मुआवजा मिलने के बाद ही धरना को समाप्त करने की बात कहीं। चेतावनी देते हुए कहा कि हक की लड़ाई अंतिम दम तक लड़ी जाएगी। ग्रामीणों ने एसडीएम को सीएम के नाम मांगपत्र सौंपा।
ग्रामीणों ने कहा कि 17 जुलाई 2016 को ओबरा जल विद्युुत तापीय परियोजना का राख बांध टूट गया। बांध टूटने से करीब 42 बिगहा जमीन में पांच से छह फीट राख जमा हो गई। राख से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। मुआवजा के लिए परियोजना के महाप्रबंधक से वार्ता की गई तो ओबरा सीओ ने धमकी दिया की दाख बांध को पुलिस बनवाने जा रही है, जो विरोध करेगा] उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सीओ ने ओबरा में दूध तक न बेचने देने की धमकी दी है।
ग्रामीणों ने डीएम से मुआवजा दिलाने और प्रकरण की जांच करवा कर सीओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस मौके पर संजय दूबे, विनोद यादव, अर्जून यादव, विद्यामनी, रामबरन, फूलचंद्र यादव, रामवृक्ष यादव, बच्चन यादव, कामेश्वर, छोटेलाल, बचाऊ आदि मौजूद रहे।