बिजली के निजीकरण के खिलाफ बांह पर काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने एक्सईएन कार्यालय पर दिया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनभद्र। इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2020 और निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की शाखा ने सोमवार को विद्युत वितरण खंड कार्यालय राबर्ट्सगंज पर बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अधिकारियों, कर्मचारियों ने यहां सभा की और निजीकरण का विरोध किया।
अध्यक्षता संयोजक इं. अक्षय कुमार यादव ने किया। सभा में कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार द्वारा बिजली का निजीकरण करने हेतु इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2020 का मसौदा जारी करने का विरोध किया गया। संघर्ष समिति के निर्णय के अनुसार देश के 15 लाख बिजली कर्मियों के साथ यूपी के भी तमाम बिजलीकर्मी सोमवार को काला दिवस मना रहे है। दोपहर बाद डेढ बजे से तीन बजे तक सभा हुई। वक्ताओं ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2020 और निजीकरण से उपभोक्ताओं खासकर किसानों और 300 यूनिट तक बिजली का उपभोग करने वाले गरीब उपभोक्ताओं को बिल के प्रतिगामी परिणामों से अवगत कराने हेतु व्यापक अभियान चलाया जाएगा। बिल पारित होने के बाद किसानों और गरीब उपभोक्ताओं को बिजली की दरों में मिल रही सब्सिडी समाप्त हो जायेगी। बिल के प्रविधानों के अनुसार किसी भी उपभोक्ता को लागत से कम मूल्य पर बिजली नही दी जायेगी। आठ रुपये प्रति यूनिट से कम में बिजली किसी को भी नही मिलेगी। किसानों को दस हजार रुपये प्रतिमाह तक बिजली का बिल देना होगा। प्रदर्शन में इं. एससी यादव, सर्वेश कुमार सिंह, अभिशेक कुमार कौशल, रामेंद्र पांडेय, अंबुज प्रजापति, विजय सिंह, ब्रम्हदत्त पटेल, महेश सिंह, अरविंद कुमार, विजय सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।