सोनभद्र/बभनी/चोपन। समान कार्य समान मानदेय और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग करते हुए शनिवार को आशा कार्यकर्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर दिया। उन्होंने पीएचसी-सीएचसी पर प्रदर्शन अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
केकराही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं का कहना था कि वह 18 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग के सभी काम कर रही हैं। मातृ व शिशु मृत्यु दर कम करने में उनका अहम योगदान हैं। पोलियो मुक्त भारत उनके सहयोग से हो सका। कोविड-19 जैसी महामारी में भी वह काम करती रहीं। इसके बावजूद उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने निश्चित मानदेय, प्रोत्साहन राशि और टीए-डीए की मांग की। प्रदर्शन में माया देवी, रेखा देवी, संगीता, निर्मला, गीता देवी आदि शामिल रहे।
इसी तरह म्योरपुर सीएचसी और कलेक्ट्रेट पर भी प्रदर्शन किया गया। वहीं, सीएचसी बभनी पर रिंकू देवी, मधुरानी, शहनाज़ खातून, कुसुम देवी ने प्रदर्शन कर प्रभारी अधीक्षक राजन सिंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को भी राज्य कर्मचारी का दर्जा और समान कार्य का समान मानदेय मिलना चाहिए। चोपन सीएचसी पर भी आशा कार्यकर्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। इसी प्रकार दुद्धी सीएचसी परिसर में भी आशा कार्यकर्ताओं ने कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन किया। इसमें रेखा, तारा, सुनैना, सुनीता, संगीता, बिंदु, निर्मला, मंजू, चंदा, राधिका, गीता, शांति, किरण आदि शामिल रहीं।