रूरल हेल्थ वेलफेयर सोसायटी उत्तर प्रदेश (प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन) ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में बसंत उत्सव मनाया। एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर गले मिलते हुए होली की बधाई दी। ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण देकर इलाज के लिए पंजीकृत करने की मांग की गई।
मुख्य अतिथि घोरावल विधायक डाॅ. अनिल कुमार मौर्य और डाॅ. केएन पांडेय ने कहा कि होली वसंत ऋतु का संदेश वाहक माना जाता है। यह आपसी गिले शिकवे भूलकर एक दूसरे को गले लगाने का पर्व है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. ओपी मौर्य ने कहा कि कोरोना काल में यही अनुभवी चिकित्सक अधिकतम कोरोना मरीजों का इलाज कर जान बचा चुके हैं।
ऐसे चिकित्सकों को कोरोना योद्धा के रूप में सरकार को सम्मानित करना चाहिए। रूरल हेल्थ वेलफेयर सोसायटी की चाहता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक उपचार कर लोगों का जीवन बचाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले, पांच से 10 वर्ष का अनुभव प्राप्त चिकित्सकों को 06 माह से 01 वर्ष का प्रशिक्षण देकर प्राथमिक उपचार करने के लिए अनुमति दी जाए।
जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष आदित्य मौर्य, बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बी. सागर, सपा के जिला उपाध्यक्ष डॉ. लोकपति सिंह पटेल ने रूरल हेल्थ वेलफेयर सोसायटी की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार को अनुभवी चिकित्सकों की मांग पर गंभीरता पूर्वक विचार करना चाहिए।
इस मौके पर डाॅ. बीआर मौर्य, हरिहर सिंह चौहान, डाॅ.आरके सिंह, डाॅ. हीरालाल मौर्य, डाॅ. एसपी पासवान, कृपाशंकर चौहान, डाॅ. एके यादव, केडी पटेल, डाॅ. पीके सिंह, डाॅ. भूपेंद्र कुमार पाठक, डाॅ. डीके विश्वकर्मा, डाॅ. बिनोद कुमार आदि मौजूद रहे। संचालन जिला महासचिव डाॅ. आरए चौहान ने किया।