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मुख्य सड़क से 15 फीट छोड़कर बाउंड्रीवाल कराने की मांग

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ओबरा में शनिवार को जेसीबी से तोड़ी गई दुकानों से अपना सामान निकालते व्यापारी। - फोटो : SONBHADRA
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ओबरा। जिला प्रशासन की ओर से निर्माणाधीन ओबरा सी परियोजना की जद में आए बाजार क्षेत्र के 105 दुकानों को शनिवार को जेसीबी से जमीदोज कर देने से दूसरे दिन भी व्यापारी मायूस दिखे। रविवार को भी व्यापारी उजाड़े गए सामानों को सुरक्षित स्थानों को ले जाते दिखाई दिए। प्रशासन की इस कार्यवाही से व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हैं। साथ ही व्यापारियों ने परियोजना प्रशासन से मुख्य सड़क से 15 फीट छोड़कर सी परियोजना का बाउंड्रीवाल कराने की मांग की है।
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बता दें कि प्रशासन के सख्त रवैए को देखते हुए सरकारी बस स्टैंड में अवैध रूप से बनी लगभग 200 से अधिक दुकानों के ऊपर भी खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की तरफ से लगातार नोटिस देने के बावजूद अभी तक दुकानें खाली नही हो सकी। जानकारों की मानें तो जिला प्रशासन जल्द ही बस स्टैंड की जमीन पर बनी दुकानों को भी जमींदोज करने का मन बना चुका है। बस स्टैंड की दुकानों को हटाए जाने के बाद ओबरा बाजार का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त होने के कगार पर पहुंच जाएगा। 105 दुकानों को हटाए जाने के बाद बस स्टैंड के व्यापारियों में दहशत व्याप्त है। कपड़ा व्यवसायी अनिल केशरी ने बताया कि बस स्टैंड की दुकानों के समाप्त हो जाने पर नगर में बेरोजगारी बढ़ जाएगी। व्यापारियों के सामने रोजी रोटी की ससमस्या उत्पन्न हो जाएगी। व्यापारियों ने बताया कि सी परियोजना की जद में आए डकहिया पहाड़ी पर रह रहे झोपड़पट्टी वालों को जिला प्रशासन ने परियोजना के अधिकारियों से सहमति बनाते हुए सभी उजाड़े गए लोगो को सेक्टर दस स्थित परियोजना की जमीन पर समायोजन किया है। जिला प्रशासन को व्यापारियों के हित की बात को ध्यान में रखते हुए परियोजना प्रशासन से वार्ता कर परियोजना के किसी जमीन पर दुकानें बनवाकर उचित किराए पर उजाड़े गए व्यापारियों को समायोजित करना चाहिए। ताकि व्यापारियों का जीवन यापन हो सके।
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