सोनभद्र। नगवां ब्लॉक के कजियारी गांव के डूब प्रभावित ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने डूब क्षेत्र में क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत कराने के साथ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर घर के बदले घर और कृषि भूमि के बदले जमीन उपलब्ध कराने की मांग की। इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ग्रामीण नंदू यादव ने बताया कि पिछले कई वर्षों से डूब की समस्या के कारण उनके मकान क्षतिग्रस्त होकर ढह चुके हैं। कृषि भूमि प्रभावित होने से खेती का साधन भी खत्म हो गया है। इससे प्रभावित परिवारों के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें केवल मुआवजा नहीं, बल्कि घर के बदले घर और जमीन के बदले जमीन दी जाए। ज्ञापन में मांग की गई कि स्थायी समाधान होने तक सिंचाई विभाग बांध का जलस्तर 45 फीट निर्धारित करे। ग्रामीणों के अनुसार प्रशासन की ओर से समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन मिलने के बाद प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि 12 अक्तूबर तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान गीता देवी, राजवंती देवी, गायत्री, राजकुमारी, सरस्वती, पार्वती देवी, देववंती देवी, राधिका देवी, फूलमती देवी, शांति देवी, इंद्रावती देवी, उषा देवी, नंदू यादव, रामधारी खरवार, लाल बिहारी खरवार, रामराज अगरिया, रामलखन खरवार, दीना खरवार, गोविंद यादव, मंगल जायसवाल, प्रधान रामलाल जायसवाल, रामबचन जायसवाल, पुनवासी यादव आदि मौजूद रहे।