अनपरा। मौसम में आई नरमी के कारण सूबे में बिजली की मांग तीन हजार मेगावाट कम हो गई। निगम की इकाइयों पर थर्मल बैकिंग लगाने से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। 24 घंटे में ही बिजली की मांग 26 हजार मेगावाट से लुढ़ककर 23 हजार मेगावाट पर आ गई।जून के पहले सप्ताह से ही प्रदेश में बिजली की मांग तेजी से बढ़नी शुरू हो गई। शुरूआत में बिजली की मांग 26 हजार मेगावाट पहुंच गई थी, जो 14 जून को 27583 मेगावाट तक पहुंच गई। इसके बाद भी उतार चढ़ाव जारी रहा। कुछ दिनों से बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम में नमी आने से अब मांग में कमी आई है। रविवार को 24 घंटे के अंदर ही बिजली की मांग में तीन हजार मेगावाट की गिरावट दर्ज की गई।
मांग में कमी होने के कारण उत्पादन निगम की अनपरा तापीय परियोजना सहित निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना की इकाइयों पर शनिवार की देर रात थर्मल बैकिंग लगा दी गई। इस कारण इकाइयों को आधी क्षमता से संचालित करना पड़ा। इससे परियोजनाओं को काफी नुकसान उठाना पड़ा। रविवार को सूबे में बिजली की अधिकतम मांग 23184 मेगावाट और न्यूनतम मांग 12860 मेगावाट रही।
देर शाम अनपरा तापीय परियोजना की दूसरी इकाई से 166 मेगावाट, तीसरी इकाई से 168 मेगावाट, चौथी इकाई से 473 मेगावाट, पांचवीं से 456 मेगावाट और सातवीं से 473 मेगावाट पर उत्पादनरत रहीं। अनपरा की पहली और छठवीं इकाई तकनीकी कारणों से बंद चल रही है। निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना की पहली इकाई से 308 और दूसरी 318 मेगावाट पर उत्पादनरत रहीं।