प्रदेश का मौसम सामान्य रहने के कारण होली के दिन प्रदेश में बिजली की मांग ढाई हजार मेगावाट कम हो गई। इस दौरान निगम सहित निजी ईकाईयों से थर्मल भी कराई गई।
जल विद्युत की ईकाईयों को भी बंद कर दिया गया। बृहस्पतिवार को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 20127 मेगावाट और न्यूनतम मांग 14775 मेगावाट पर रहीं।
होली के दिन प्रदेश में राजकीय अवकाश होने के कारण सभी दफ्तर बंद रहे, जिस कारण पीक आवर में प्रदेश में बिजली की मांग ढाई हजार मेगावाट कम हो गई।
बिजली की मांग कम होने के कारण जल विद्युत की रिहंद और ओबरा की ईकाईयों से उत्पादन बंद करना पड़ा।
निगम सहित निजी ईकाईयों पर भी थर्मल बैकिंग लगाई गई। 2630 मेगावाट की अनपरा की अ, ब और द तापीय परियोजनाओं की ईकाईयों से 1201 मेगावाट की थर्मल बैकिंग कराई गई।
निजी क्षेत्र की एमईआईएल समूह की अनपरा एनर्जी लिमिटेड की 600 मेगावाट की पहली ईकाई से 337 मेगावाट की थर्मल बैकिंग कराई गई।
600 मेगावाट की दूसरी ईकाई बीटीएल के कारण बंद चल रही है। होली पर पीक आवर में प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 17666 मेगावाट और न्यूनतम मांग 13965 मेगावाट पर रहीं।