चुर्क राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में कार्यशाला में शामिल प्रतिभागी। स्रोत स्वयं
चुर्क। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सोनभद्र में आयोजित तकनीकी कार्यक्रम के तीसरे दिन सोमवार को साइबर सुरक्षा के समकालीन आयामों और विभिन्न क्षेत्रों में इसके अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत व्याख्यान दिए। इस दौरान मल्टीमीडिया डेटा ट्रांसफर के समय इमेज, ऑडियो और वीडियो की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों तथा उनके व्यावहारिक समाधानों पर गहन चर्चा की गई। कार्यक्रम के प्रारंभिक तकनीकी सत्र में डॉ. मैनेजर यादव ने विजुअल क्रिप्टोग्राफी विषय पर प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। इसके बाद डॉ. अवनीश यादव ने ‘पोस्ट क्वांटम सिक्योरिटी प्रोटोकॉल फॉर 5जी एवं 6जी कम्युनिकेशन’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस्तेमाल हो रही 5जी तकनीक और भविष्य में आने वाली 6जी संचार व्यवस्था को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए उन्नत एन्क्रिप्शन तकनीकों का विकास किया जा रहा है। पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी भविष्य में क्वांटम कंप्यूटर से उत्पन्न होने वाले सुरक्षा संबंधी खतरों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अपराह्न के तकनीकी सत्र में डॉ. अवनीश यादव ने पोस्ट क्वांटम सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पर प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान उन्होंने स्काइथर वैलिडेशन टूल के माध्यम से भविष्य में क्वांटम कंप्यूटर से संभावित साइबर हमलों से बचाव और नेटवर्क की सुरक्षा क्षमता मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस टूल के जरिए किसी संगठन के नेटवर्क और सिस्टम की सुरक्षा का परीक्षण किया जा सकता है। इसके माध्यम से संभावित साइबर हमलों का अनुकरण कर सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों का पता लगाया जाता है, जिससे समय रहते आवश्यक सुधार किए जा सकें। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. अमोद तिवारी, समन्वयक डॉ. मैनेजर यादव, डॉ. आशीष रंजन मिश्रा, डॉ. कल्पना सिंह, लालबाबू यादव, विवेक देव पांडेय, नवनीत उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।