मारकुण्डी घाटी में हाईवे पर गिरा पहाड़ी का मलबा।
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सलखन (सोनभद्र)। वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर सोमवार की देर रात मारकुंडी घाटी में पहाड़ का मलबा गिर गया। संयोग रहा कि कोई वाहन उसकी चपेट में नहीं आया। मलबे का कुछ हिस्सा सुबह भी सड़क पर आ गया। हाईवे पर भारी मात्रा में चट्टानें आने से कुछ देर के लिए आवागमन प्रभावित रहा। उपसा की टीम ने मलबा हटाकर वाहनों का आवागमन सुचारु कराया। बता दें कि दो साल पहले भी बारिश के दौरान घाटी में मलबा सड़क पर गिर गया था। मारकुंडी घाटी में चट्टानों को काटकर रास्ता बनाया गया है। इससे वाहन चोपन से रॉबर्ट्सगंज की तरफ जाते हैं। इसी मार्ग पर सोमवार की रात रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच करीब 11 बजे अचानक पहाड़ी का कुछ हिस्सा कटकर सड़क गिर गया। भारी मात्रा में मलबा रास्ते पर आने से मार्ग से गुजर रहे लोग सहम गए। गाड़ियां जहां-तहां खड़ी हो गईं। पुलिस के माध्यम से उपसा के अधिकारियों को सूचना दी गई। उनके निर्देश पर टोलवेज कंपनी एसीपी की टीम ने रात में ही जेसीबी की मदद से मलबा हटवाकर रास्ता साफ कराया। बताते हैं कि घटना से करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। छोटे वाहनों को दूसरे रास्ते से धीरे-धीरे निकाला गया। मंगलवार को सुबह भी मलबे का कुछ हिस्सा फिर से सड़क पर आ गया। टोलवेज कंपनी के पेट्रोलिंग इंचार्ज सदानंद यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी। जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर रास्ता चालू करा दिया गया था। मंगलवार की सुबह भी मलबा गिरने की सूचना पर टीम पहुंची थी। इससे पहले 24 अगस्त 2024 को भी मारकुंडी घाटी में ऐसी ही घटना हुई थी। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गया था। तब घटना सुबह के वक्त हुई थी। हालांकि उस वक्त भी कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन काफी देर तक हाईवे के एक लेन से आवागमन बाधित रहा। दो साल बाद फिर इस घटना से लोग सहमे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी के किनारे सुरक्षा के बेहतर इंतजाम नहीं किए जाएंगे तो बड़ा हादसा हो सकता है।