कोन क्षेत्र के कचनरवा लैंपस पर खाद के लिए किसानों की लगी भीड़। संवाद
कोन। बारिश के बाद धान की रोपाई जोर पकड़ चुकी है। बावजूद कचनरवा क्षेत्र में डीएपी खाद की किल्लत बरकरार है। खाद लेने के लिए किसान रोजाना सुबह से ही विशाल क्षेत्र बहुउद्देशीय सहकारी समिति (लैंपस) पर लाइन लगा रहे हैं, लेकिन पर्याप्त आवंटन नहीं होने के कारण किसानों को लगातार कई दिनों तक चक्कर लगाने के बावजूद खाद नहीं मिल पा रही है। इससे धान की रोपाई प्रभावित होने लगी है। धान की रोपाई चरम पर है। ऐसे में किसानों को खाद की जरूरत है। कोन क्षेत्र में निजी दुकानों पर खाद न होने से ज्यादातर किसान सहकारी समितियों पर ही निर्भर हैं, मगर उन्हें वहां से भी मायूसी मिल रही है। किसान खाद के लिए रोज सुबह समिति पर पहुंच रहे हैं और फिर घंटों इंतजार के बाद लौट रहे हैं। इससे उनमें असंतोष बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर जिम्मेदार कम आवंटन को कारण बता रहे हैं। लैंपस अध्यक्ष संतोष जायसवाल ने बताया कि किसानों की आवश्यकता के अनुरूप खाद का आवंटन नहीं मिलने से समस्या उत्पन्न हुई है। अब तक कचनरवा लैंपस को केवल 1300 बोरी डीएपी और 1050 बोरी यूरिया का आवंटन मिला है, जो क्षेत्र की मांग की तुलना में काफी कम है। उन्होंने खाद का आवंटन बढ़ाने की मांग की है।