मृतक के बड़े बेटे सुनील यादव ने बताया कि रात करीब दो बजे पुलिस के माध्यम से हादसे की सूचना मिली। परिवार को पहले विश्वास ही नहीं हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने पर घटना की पुष्टि हुई। संतोष अपने पीछे तीन बेटों और परिवार को छोड़ गए हैं। उनकी अचानक मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि ऊंचका गांव के आसपास रात में भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा के लिए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है।
थानाध्यक्ष रामसिंहासन शर्मा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।