रॉबर्ट्सगंज में प्रचंड गर्मी से निजात पाने के लिए कुल्फी खाती महिलाएं। संवाद
सोनभद्र। सोनांचल में भीषण गर्मी का कहर लगातार जारी है। आसमान से बरस रही आग और उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शनिवार को भी अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया। यह औसत तापमान 40 डिग्री से करीब 4 डिग्री अधिक है। गर्मी के चलते दिनभर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग गर्म हवाओं से बेहाल नजर आए। वहीं प्रशासन की तरफ से लगातार लू से बचाव के लिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके एक दिन पहले शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। वहीं बृहस्पतिवार को इस सीजन का सबसे अधिक तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। बीते दो दिन में रात के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन दिन के समय तेज धूप और उमस के कारण लोगों को राहत नहीं मिल रही है। बीते छह दिनों से जिले का अधिकतम तापमान लगातार 43 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले करीब 10 दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। शनिवार को तेज धूप और लू के चलते दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। वहीं प्रशासन की तरफ से बढ़ती गर्मी और हीट वेव को देखते हुए प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की अपील की है। चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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लू को लेकर प्रशासन अलर्ट, जारी की एडवाइजरी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनभद्र। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। मौसम विभाग की ओर से आगामी दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताए जाने के बाद डीएम चर्चित गौड़ ने एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने लोगों से दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव करने की अपील की है। डीएम ने बताया कि लू का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और श्रमिकों पर पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग को ओआरएस, दवाएं और प्राथमिक उपचार की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकायों को पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने और बिजली विभाग को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से हल्के सूती कपड़े पहनने, सिर ढककर बाहर निकलने और लक्षण दिखने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की अपील की है।