दुद्धी। अजब का ही संयोग था। इधर दूल्हे के परिवार में भाभी का निधन हुआ और उसके कुछ घंटे बाद दुल्हन के पिता दुनिया छोड़ गए। शादी से ठीक एक दिन पहले हुई इस घटना से खुशियां गम में तब्दील हो गई। पूरी तैयारी होने के बाद लग रहा था कि अब शादी टल जाएगी। प्रबुद्ध लोगों के हस्तक्षेप से सादे समारोह में मंदिर से शादी की रस्में पूरी की गई। पोस्टमार्टम हाउस में पिता का शव पड़ा था और दूसरी ओर मंदिर में बेटी के हाथ पीले हुए। परिवार ने दिल पर पत्थर रखकर पहले बेटी को विदा किया, इसके बाद उसके पिता की अर्थी को कंधा देते हुए अंतिम संस्कार किया गया।
मामला दु्द्धी के केवाल गांव का है। मंगलवार को क्षेत्र के केवाल ग्राम निवासी सुरेश प्रसाद अग्रहरि के यहां बेटी सुप्रिया की शादी को लेकर मंडप की रस्म अदायगी थी। सुबह से निर्जल सुरेश अग्रहरि कलश पूजन के लिए पैर रंगवाकर जैसे ही खड़े हुए, अचानक गश खाकर गिर पड़े। तत्काल सीएचसी दुद्धी लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। पुलिस पोस्टमार्टम की कार्रवाई में जुटी रही। गांव के प्रधान दिनेश यादव व संभ्रांत लोगों ने लड़की सुप्रिया और परिजनों को समझा-बुझाकर मंदिर से शादी करने पर राजी कर लिया। लड़के वालों से बात करने पर पता चला कि परिवार में एक मौत हो गई है।
म्योरपुर के देवरी निवासी दूल्हा संदीप अग्रहरि के रिश्ते की भाभी संध्या अग्रहरि का जम्मू में निधन हो गया। वह मां वैष्णा देवी का दर्शन कर लौट रही थी। दोनों परिवारों में गम का माहौल होने के बाद शादी नामुमकिन सा हो गया था। गांव के संभ्रांतजनों तथा परिजनों की सूझबूझ से मौतों को ईश्वर की नियति मानकर पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में शादी के रस्म की अदायगी की गई। शादी के बाद लड़की की विदाई भी हुई। वहीं दूसरी तरफ सुरेश के शव को दुद्धी तो वर पक्ष की भाभी संध्या देवी के शव का काशी में अंतिम संस्कार किया गया।