प्रयास के बाद भी बिना रिश्वत लिए काम न करने कर जिद पर उन्होंने एंटी करप्शन यूनिट मिर्जापुर से संपर्क साधा। टीम ने अपने स्तर से पड़ताल करने के बाद शिकायतकर्ता को रुपये देकर रिश्वत देने के लिए भेजा। रॉबर्ट्सगंज स्थित रोडवेज बस अड्डा पहुंचने पर मीरा ने डाटा इंट्री ऑपरेटर को फोन किया।
उस वक्त वह कलेक्ट्रेट में एक बैठक के सिलसिले में मौजूद था। वहां उसने साथ मौजूद अफसरों से एक परिचित से मिलने के लिए रॉबर्ट्सगंज मार्केट जाने और कुछ देर में ही वापस आने की बात कही। रोडवेज परिसर स्थित मंदिर के पास पहुंचने के बाद जैसे ही उसने मांगे गए रुपये लिए, वैसे ही पास में ही मौजूद टीम ने उसे दबोच लिया। पहले तो उसने पकड़ने वाले को झटक दिया। दोबारा पकड़े जाने पर धक्कामुक्की की। टीम उसे लेकर राॅबर्ट्सगंज कोतवाली पहुंची। वहां तीन घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की गई।
इंस्पेक्टर अनिल की तहरीर पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व बीएनएस की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। प्रभारी निरीक्षक राॅबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।