शिवरात्रि की तैयारी:घोरावल तहसील क्षेत्र के शिवद्वार उमा-माहेश्वर महादेव मंदिर ।
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सोनभद्र/घोरावल। शिव और शक्ति के मिलन का महापर्व महाशिवरात्रि पर बृहस्पतिवार को गुप्त काशी शिवद्वार सहित जिले के अन्य प्राचीन शिवालयों में भक्तगण दर्शन पूजन करेंगे। भक्तों की भीड़ को देखते हुए शिवालयों में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गये हैं। पुलिस प्रशासन के अलावा मंदिर प्रशासन की तरफ से वॉलेंटियर्स लगाए गये हैं।
महाशिवरात्रि के अवसर पर रौंप पहाड़ी स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर, कंडाकोट स्थित गिरिजा मंदिर, बरैला गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर, गौरीशंकर और गुप्तकाशी शिवद्वार सहित ग्रामीण अंचल के शिवालयों में बड़ी संख्या में भक्तगण दर्शन पूजन करते हैं। महाशिवरात्रि पर भक्तों की भीड़ को देखते हुए बुधवार को पूरे दिन तैयारी चली। मंदिर को विद्युत झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। मेला परिसर में साफ-सफाई कराई गई। शिवद्वार में महाशिवरात्रि से शुरू हो रहे 10 दिवसीय परंपरागत मेला में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। शिवद्वार चौकी प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि महाशिवरात्रि मेला को सकुशल संपन्न कराने के लिए मंदिर परिसर और आस-पास के क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। किला के पास, कोहरथा भरकना मार्ग पर पोखरे के पास व सतद्वारी मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दिया गया है। मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। सुरक्षा के मद्देनजर चार स्तरीय व्यवस्था रहेगी और एक दर्जन इंस्पेक्टर, 20 सब इंस्पेक्टर, महिला पुलिस, पीएसी के जवान मुस्तैद रहेंगे। उधर, बुधवार से ही स्थानीय कलाकारों एवं मिर्जापुर भदोही से आए कलाकारों द्वारा श्री उमामहेश्वर की प्रतिमा का शृंगार किया गया। मुख्य पुजारी सुरेश गिरी ने बताया कि बृहस्पतिवार को चार बजे भोर में मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुल जाएंगे। दुद्धी: महाशिवरात्रि पर्व को लेकर नगर और आसपास के शिवालय मंदिरों में रंगाई पुताई के साथ विद्युत झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। मंदिरों की साफ-सफाई युद्ध स्तर किए गए। बृहस्पतिवार को महाशिवरात्रि पर लगने वाले मेले कैलाश कुंजमल देवा में शिवबरात निकलेगी। हीरेश्वर शिव मंदिर बीड़र लौवा नदी तट पर भजन कीर्तन व मेले का आयोजन किया गया है।