ऊर्जांचल में हाईवे किनारे पटरियों पर भारी वाहनों के खड़े होने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार न तो पटरियों से वाहनों की पार्किंग बंद करा रहे हैं और न ही पटरियों पर गड्ढों को बंद किया जा रहा है।
सिंगरौली बार्डर से हाथीनाला तक टू लेन सड़क राहगीरों और स्थानीय लोगों के परेशानी का सबब बन गया है। हाईवे पर वाहनों का काफी दबाव है। इस कारण हाइवे पर दो पहिया वाहन और साइकिल सवार जान जोखिम में डालकर सफर करतें हैं। पटरियां भी क्षतिग्रस्त हो चुकीं हैं। कई जगह तो पटरियों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
हल्की सी चूक और पैदल या फिर दो पहिया सवार दुर्घटना में अपनी जान गवां देता है। गत दिनों जिलाधिकारी ने स्थानीय परियोजनाओं, सड़क विभाग, आरटीओ और पुलिस के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिया, लेकिन जिला प्रशासन के किसी भी निर्देशों का पालन नही हो रहा है। इस कारण आए दिन लोग दुर्घटनाओं में अपनी जान गवां रहें हैं। दुर्घटना के बाद आक्रोशित भीड़ गड्ढेदार पटरियों को भरवाने की मांग करती है। आश्वासन भी मिलता है, लेकिन स्थानीय प्रशासन भी आश्वासन देकर भूल जाती है।
पटरियों पर भारी वाहन खड़े होने के कारण धंसती है पटरी
कोल व तापीय परियोजनाओं से निकलने वाले वाहन आबादी क्षेत्र से ही निकलतें हैं। बिल व अन्य कागज तैयार करने के लिए वाहन बीना से लेकर डिबुलगंज तक हाइवे किनारे पटरियों पर खड़े हो जातें हैं। इस कारण पटरियां तो धंसती ही है। साथ ही कई बार पानी की पाइपलाइन भी टूट जाती है। पटरियों के धंसने से वहां बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। सड़क विभाग ने पटरियों पर इंटरलाकिंग भी बिछवाया, लेकिन भारी वाहनों के कारण पटरियां अपनी पूर्ववत अवस्था में आ जाती हैं।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
- बीते 28 जून को साइकिल सवार डिबुलगंज से ड्यूटी परियोजना में जा रहा था। पटरी पर गड्ढा होने के कारण साइकिल सवार हाइवे पर ही चल रहा था, तभी पीछे से बल्कर ने उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
- बीते 19 अप्रैल को पटरी पर जगह न होने के कारण महिला पैदल हाइवे से चलकर अपने घर जा रही थी, दुर्गा मंदिर के सामने वह ट्रेलर की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
- बीते 26 मार्च को बाइक सवार डिबुलगंज से दवा लेकर अपने घर जा रहा था। पीछे से वाहन ने टक्कर मार दिया। पटरी पर वाहन खड़ा होने के कारण बाइकसवार ट्रेलर के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई।
आबादी क्षेत्र में पटरियाें पर इंटरलाॅकिंग का निर्माण कराया गया था। भारी वाहनों के कारण पटरियों पर गड्ढे बन जाते हैं। बीच-बीच में मरम्मत कराया जाता है। ठेकेदार को निर्देशित कर दिया गया है कि जहां गड्ढे बन गए हैं, उन्हे भर दें। साथ ही पटरियों पर भारी वाहनों के खड़ी करने पर रोक लगाने के लिए एआरटीओ विभाग को भी पत्र लिखा गया है।
- इं. डीपी सिंह, अधिशासी अधिकारी राष्ट्रीय राजमार्ग-39।