डाला। दो जून 1991 में डाला में हुए गोलीकांड में शहीद कर्मचारियों को बुधवार को श्रद्घांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने इस दिन को जिले के लोगों के लिए काला दिन बताया। शहीदों को नमन करते हुए वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 1991 में मुलायम सिंह यदाव ने मुख्यमंत्री रहते हुए डाला की यूपी सीमेंट फैक्ट्री को डालमिया को महज 55 करोड़ रुपये में बेच दिया। इसका विरोध कर रहे कर्मचारियों को दबाने के लिये उन्होंने दो जून 1991 को गोली चलवा दी। जिसे डाला गोलीकांड के नाम से जाना जाता है। इस गोलीकांड में सीमेंट कारखाने के नौ कर्मचारियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। दो जून को डाला स्थित शहीद स्थल पर प्रत्येक वर्ष की भांति शहीदों को इस बार भी प्रतीकात्मक रूप में नमन कर दो मिनट के लिए मौन रख हाईवे को जाम करते हुए तीसवां शहीद दिवस मनाया गया। तथा सभी नौ शहीदों के परिवार के सदस्यों ने माल्यार्पण किया। भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, सदर विधायक भूपेश चौबे, अल्ट्राटेक यूनिट हेड राहुल सहगल, ओमप्रकाश तिवारी, गायत्री तिवारी, मनोज चौरसिया, मुकेश जैन, धर्मवीर तिवारी, नरेंद्र नीरो, संतोष उर्फ बबलू, धीरेंद्र कुमार पटेल उर्फ सोनू, अजय तिवारी, अंजनी पटेल, चंद्र प्रकाश तिवारी, आनंद पटेल दयालु, राजेश दृवेदी, के साथ-साथ सैकड़ो लोगों ने इस शहादत दिवस पर उपस्थित होकर माल्यर्पण किया। तथा हरेंद्र कुमार पांडेय की मृत्यु पर गहरा शोक प्रकट किया। इस बीच शांति व्यवस्था को लेकर चौकी इंचार्ज एस के सोनकर, चोपन थानाध्यक्ष नवीन तिवारी दल बल से साथ उपस्थित रहे।