ऊर्जांचल में जनगणना के दौरान बरती गई खामी का ठीकरा मतदाताओं के सिर फोड़ा है। इसको लेकर शुक्रवार को जहां भाजपाजनों ने बैठक कर विरोध की रणनीति बनाई। वहीं रणहोर गांव में प्रधान अजय प्रकाश पांडेय की अगुवाई में लोगों ने प्रदर्शन कर मतदाता सूची ठीक करने की मांग की।
बताते चलें कि ऊर्जांचल परिक्षेत्र (म्योरपुर ब्लाक) के कई गांवों में कहीं जनसंख्या से अधिक तो कहीं जनसंख्या के सापेक्ष काफी कम मतदाता पिछले कई दिनों से प्रशासनिक अमले के लिए सिरदर्द बने हैं। पिछले दिनों गड़बड़ी की शिकायत डीएम तक पहुंची तो सत्यापन के निर्देश जारी कर दिए गए लेकिन नए सत्यापन में जनगणना के सापेक्ष 85 प्रतिशत मतदाताओं की संख्या लाने की आपाधापी में वोटरों के नाम पर ऐसी कैंची चलाई गई कि तमाम पात्र मतदाता सूची से वंचित हो गए। वार्ड नौ की आबादी की जनसंख्या को ककरी में जोड़ दिए जाने का दंश झेल रहे परासी में नए और साठ साल के अधिकांश मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया।
सूत्रों की मानें तो 31 को अंतिम सूची प्रकाशित करने के पूर्व भी दो हजार नाम काटे जाने हैं। पहले रणहोर में 22 सौ और योगेंद्रा में नौ सौ वोटर थे लेकिन नई सूची में रणहोर में वोटरों की संख्या 2600 और योगेंद्रा में 1425 पहुंच गई। प्रधान अजय पांडेय का आरोप है कि रणहोर के पांच-छह सौ अनपरा और औड़ी में कहीं पत्नी का नाम है तो पति का नहीं, पति का है तो पत्नी का नहीं। उधर, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओंकार केशरी की अगुवाई में गुरुवार की शाम भाजपाइयों ने बैठक कर रणनीति बनाई। केशरी ने बताया कि डीएम से आपत्ति दर्ज कराई जाएगी।