सोनभद्र। ओबरा तहसील के बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में मानकों को दरकिनार कर संचालित हो रहे क्रशर प्लांटों की जांच शुरू हो गई। ओबरा एसडीएम की अगुवाई वाली टीम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बिना एनओसी लिए संचालित हो रहे मेसर्स विनोद स्टोन प्रोडक्ट क्रशर प्लांट को सील कर दिया है। साथ ही संचालक पर करीब साढ़े 16 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। डीएम के निर्देश पर नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे क्रशर प्लांटों को चिह्नित कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने ओबरा एसडीएम को एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन कर चलने वाले क्रशर प्लांटों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निर्देश के क्रम में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पिछले दिनों एसडीएम के नेतृत्व में टीम ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली में स्थित कई क्रशर प्लांट की जांच की। इस दौरान एक क्रशर प्लांट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनापत्ति प्रमाण पत्र के बगैर संचालित होता पाया गया। टीम ने संबंधित क्रशर प्लांट संचालक से कागजात की मांग की। एनओसी का कागजात न मिलने पर प्लांट को सील करने की कार्रवाई की गई।
एसडीएम प्रकाश चंद्र ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बगैर एनओसी लिए मेसर्स विनोद स्टोन प्रोडक्ट नाम से क्रशर प्लांट का संचालन किया जा रहा था। अगले आदेश तक के लिए प्लांट को सील कर दिया गया है। साथ ही करीब साढ़े सोलह लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।