बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी में लोगों की सेहत का बुरा हाल है। अस्पताल मरीजों की भीड़ से पट गए हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में पहले 550-600 मरीज आते थे। पिछले दो दिनों से यह संख्या 1200 के करीब पहुंच गई है। मंगलवार को दोपहर 11 बजे तक ही 1117 मरीजों की पर्ची कट चुकी थी। कई अभी कतार में थे। दवा काउंटर पर भी महिला-पुरुष लंबी कतारों में खड़े रहे तो डॉक्टर कक्ष के बाहर भी मरीज अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। उल्टी-दस्त, तेज बुखार के मरीज इमरजेंसी में लगातार आ रहे हैं।
अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार गरोडिया बताते हैं कि सबसे ज्यादा मरीज तेज बुखार के आ रहे हैं। इसके अलावा उल्टी-दस्त, पेट व सिर दर्द से पीड़ित भी अधिक हैं। उन्हें दवा-उपचार के साथ जरूरत के अनुसार भर्ती भी किया जा रहा है। बताया कि तापमान में अचानक हुई वृद्धि के कारण दिक्कत आई है। इस मौसम में लोग हल्का भोजन करें और खूब पानी पीएं। सादा पानी की जगह नींबू-पानी, ग्लूकोज फायदेमंद रहेगा। भोजन में तरल पदार्थ लें। मौसमी फल खाएं। धूप में जाने से बचें। सिर पर गमछा जरूर रखें। जिला अस्पताल जैसी ही स्थिति जिले के ग्रामीण अस्पतालों में भी है। दुद्धी सीएचसी में 30 बेड हैं। रोज नए मरीज आने के कारण बेड कम पड़ जा रहे हैं। ऐसे में मरीजों को बेंच, बरामदा और स्ट्रेचर पर भर्ती करना पड़ रहा है।
-
हीट वेव वार्ड में भर्ती हो रहीं प्रसूताएं
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में जिले में हीट वेव और हीट स्ट्रोक का कोई मरीज नहीं आया है। जिला अस्पताल में लू वार्ड बना है, लेकिन अब तक कोई मरीज भर्ती नहीं है। ऐसे में इस खाली वार्ड में प्रसूताओं को रखा जा रहा है। जिम्मेदारों का कहना है कि लू के मरीज आने पर उन्हें बेड उपलब्ध कराए जाएंगे।
-
कंट्रोल रूम का नंबर खराब
हीट वेव की आशंका के मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग ने पिछले दिनों सभी विभागों के साथ बैठक कर जरूरी इंतजाम के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य, पेयजल के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कंट्रोल रूम का नंबर 7317705767 जारी करते हुए किसी भी तरह की मदद पाने को कहा गया था। पिछले कई दिनों से यह नंबर अस्थायी रूप से सेवा में नहीं है। ऐसे में लोगों को इससे मदद नहीं मिल पा रही है।