पिटाई से बुधवार को हुए युवक की मौत की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना के पीछे नौकरी दिलाने के नाम पर मृतक से लिया गया पैसा विवाद का जड़ बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक मिर्जापुर के चुनार कोतवाली इलाके के फिरोजपुर गांव के रहने वाले सुभाष सिंह (45) के बगल के गांव रेहिया के रहने वाले अनूप सिंह से गहरी दोस्ती थी।
कुछ माह पूर्व सुभाष बेटी की शादी के लिए अपना कई बीघा खेत बेचा था। इसी बीच अनूप (बबलू) ने सुभाष से नौकरी दिलाने के नाम पर 85 हजार रुपये लिए। अनूप पहले शक्तिनगर क्षेत्र में रहकर नौकरी कर चुका था इसी से सुभाष उसके झांसे में आ गया। नौकरी नहीं मिलने पर सुभाष पैसे का तकादा करने लगा। दबाव बनते देख अनूप उसे लेकर मंगलवार को शक्तिनगर पहुंचा।
बुधवार की रात उसने अपने दोस्तों के साथ सुभाष को शराब पिलाई और एनसीएल खड़िया परियोजना के कोल हैंडलिंग प्लांट के पास स्थित बस्ती में ले गया, जहां उसके अनूप व उसके साथियों लाठी डंडे से बुरी तरह पीटकर अधमरा कर दिया।
बाद में सुभाष की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट की वजह से मौत स्पष्ट होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। रविवार को घटना के खुलासे का दावा करते हुए पुलिस ने बताया कि महिला जयवती धोबी, मृतक के साथी अनूप सिंह व घटना स्थल के कुछ दूर रहने वाले संत कुमार पनिका को पुलिस ने जेल भेजने के बाद अन्य लोगों की तलाश कर रही है।