उधार के रुपये नहीं चुका पाने के कारण क्रेशर संचालक ने मंगलवार को मालगाड़ी के सामने कूद कर जान दे दी। उसने अपनी डायरी में एक सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें कर्ज नहीं चुका पाने की पीड़ा लिखी है। उस पर उधार लिए रुपये को चुकाने का दबाव है, जिसके चलते उसके सामने जान देने के सिवाय कोई चारा नहीं है। इस मामले में कर्ज देने वाले खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। घटना ओबरा के भलुआ टोला की है।
ओबरा इलाके के भलुआ टोला निवासी अरविंद शर्मा (44) ने मंगलवार को सुबह सवा छह बजे अपने घर के सामने स्थित रेलवे लाइन पर मालगाड़ी से कटकर जान दे दी। इस घटना से आसपास के क्षेत्रों में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। अपर पुलिस अधीक्षक शंभूशरण यादव को मौका मुआयना के दौरान अरविंद की डायरी मिली, जिसमें उसने सुसाइड नोट लिखा है।
पुलिस ने डायरी बरामद कर ली और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर वस्तु स्थिति का पता लगाया। अरविंद के भाई सुरेंद्र ने बताया कि उसके भाई ने लखनऊ निवासी मनोज सिंह से धन उधार लेकर डाला खनन क्षेत्र में राजहंस नामक क्रेशर किराए पर लेकर चलाना शुरू किया था। पिछले साल सितंबर माह के बाद से उन्होंने लगभग चार लाख रुपया मनोज को वापस किए।
शेष रकम की वापसी के लिए लगातार उन पर दबाव बनाया जा रहा था, जिससे अरविंद गुमसुम रहने लगे थे। अपनी डायरी में भी उन्होंने इस बात का जिक्र किया है। ओबरा एसओ बिरेंद्र यादव ने बताया कि सुरेंद्र शर्मा की तहरीर पर मनोज सिंह के खिलाफ धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की छानबीन की जा रही है।