प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मार्ग का निर्मण करने के लिए ठेकेदार ने अवैध तरीके से खुद ही गिट्टी की खुदाई कर डाली। अवैध खनन कर सामग्री का इस्तेमाल करना अब ठेकेदार व उनके लोगों को महंगा पड़ गया। इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ पिपरी थाने में रविवार को वनरक्षक की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। इससे अवैध खननकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दुद्धी एसडीएम डॉ. विश्राम सिंह ने शुक्रवार को अतिपिछड़े गांव असनहर का हाल जानने पहुंचे थे। इसी दौरान वे पाटी से असनहर तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही 11 किमी सड़क का निरीक्षण के दौरान कोनिया नाला के पास पुलिया निर्माण के लिए जरुरत से कहीं अधिक बालू और बोल्डर का भंडार देख कर चौंक गए। उन्होंेने पूछताछ की तो वहां मौजूद ठेकेदार ने बताया कि गिट्टयां और अन्य निर्माण सामग्री आसपास की पहाड़ियों से लाई जा रही ह।
उसके बाद एसडीएम ने पिपरी सीओ से तत्काल काम बंद कराने को कहा। उसके बाद पुलिस ने तुरंत काम बंद भी करा दिया। एसडीएम ने मामले में वन विभाग के एसडीओ आनंद कुमार श्रीवास्तव से मामले की जांच करेऔर अवैध खनन पर बनाई जा रही सड़क में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
वन रेंजर शशिकांत पांडेय को इसकी जांच सौंपी गई थी। उनकी जांच और अवैध खनन की पुष्टि होने पर वन रक्षक शैलेंद्र कुमार विमल की तहरीर पर किरन सिंह, दिलीप दुबे, राकेश सिंह व छह अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पिपरी एसओ मनोज पांडेय ने बताया कि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एसडीएम डॉ. विश्राम सिंह ने कहा कि अवैध खनन करके प्राकृतिक सौंदर्य बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।