अनपरा डी परियोजना में शनिवार की सुबह करीब दस बजे कार्य के दौरान ब्वायलर से गिरकर एक मजदूर की मौत हो गई। इससे खफा श्रमिकों ने जमकर बवाल काटा।
कुछ मजदूरों ने संबंधित संविदा कंपनी के एक कर्मचारी की घेरकर पिटाई भी कर दी। कई थानों की फोर्स पहुंची, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हुई। परियोजना अधिकारियों और प्रशासनिक अमले की पहल पर आश्रितों को छह लाख का मुआवजा दिया गया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
थाना क्षेत्र के बेलवादह गांव निवासी जयप्रकाश बैगा (26) अनपरा डी में ठेके पर काम कर रही पीसीपी कंपनी में मजदूरी का काम करता था। शनिवार की सुबह उसे 75 मीटर ऊंचाई पर स्थित ब्वायलर पर काम करने के लिए चढ़ा दिया गया।
बताते हैं कि ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों के लिए झूला टांगते समय उसका सुरक्षा बेल्ट टूट गया और वह 45 मीटर नीचे मौजूद लोहे के बिंब पर गिर पड़ा। इससे इसकी मौत हो गई।
यह देख अन्य श्रमिक उग्र हो उठे और हंगामा खड़ा कर दिया।
मजदूरों को आक्रोशित देख संबंधित कंपनी के साथ अन्य ठेका कंपनियों के लोग भाग खड़े हुए। इसी दौरान पीसीपी कंपनी के एक कर्मचारी को मजदूरों ने पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी।
खबर मिलते ही सीओ सितांशु यादव की अगुवाई में अनपरा, शक्तिनगर थाने के साथ ही बीना और रेणुसागर चौकी पुलिस पहुंच गई।
सीआईएसएफ कमांडेंट महेंद्र यादव ने भी जवानों के साथ पहुंचकर सुरक्षा की कमान संभाल ली। मुआवजे की मांग पर अड़े मजदूरों ने शव नहीं उठने दिया।
प्रभारी एसडीएम दुद्धी गिरिजाशंकर, तहसीलदार दिनेश मिश्र, अनपरा डी के जीएम इं. आरके वाही ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद पीसीपी कंपनी की ओर से आश्रित को छह लाख का चेक दिया गया।
वहीं तहसील प्रशासन की ओर से भी नियमानुसार मदद की बात कही गई। उधर, विस्थापित नेता पंकज मिश्रा, जिपं सदस्य बांके सिंह, प्रधान बेलवादह हरदेव आदि ने पहुंचकर घटना की जानकारी ली।