दस हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर छह माह अतिरिक्त सजा
अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी संतराम की अदालत ने शनिवार को दुराचार के मामले में राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के कुसहां गांव निवासी अनिल कुमार को सात साल का सश्रम कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की 25 फरवरी 2009 की रात 12 बजे की घटना है। राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के कुसहां गांव निवासी अनिल कुमार पीड़िता के घर पर आया और कहा कि तुम्हारे भाई का एक्सीडेंट हो गया है।
दरवाजा खोलते ही वह पीड़िता को पकड़ लिया। जबरन उसे बाइक पर बैठाकर अपनी बहन के यहां चंदौली ले गया। 15 दिनों तक उसके साथ जबरन दुराचार करता रहा। वहां से उसे अपने घर ले आया, जहां से मौका मिलते ही पीड़िता भागकर अपने घर आ गई।
राबर्ट्सगंज कोतवाली में पीड़िता के पिता ने अनिल के विरुद्ध बलात्कार का केस दर्ज कराया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता के पिता को पक्षद्रोही घोषित कर दिया, जबकि पीड़िता ने घटना का समर्थन किया।
इस पर अदालत ने अनिल को दोषी मानते हुए धारा 376 में सात साल का सश्रम कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड और धारा 498 में एक साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन की तरफ से एडीजीसी क्रिमिनल बिंदू यादव ने पैरवी की।