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पंजाब कमाने गए युवक का लौटा शव, कोहराम

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कोतवाली क्षेत्र के दिघुल गांव से दो माह पूर्व पंजाब के लुधियाना कमाने गए युवक का बुधवार की दोपहर में घर पर शव लौटा तो कोहराम मच गया। खफा परिवारीजनों ने मौत के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षा की अनदेखी को जिम्मेदार ठहराते हुए शव को एंबुलेंस से उतारने से मना कर दिया। पुलिस के काफी समझाने-बुझाने के बाद भी परिवार के लोग दस लाख मुआवजा मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार की बात पर अड़े रहे। मामले को तूल पकड़ता देखकर एंबुलेंस चालक शव सहित वाहन को ठेकेदार के दरवाजे पर ले जाकर खड़ा कर दिया। वहीं ठेकेदार के परिवार के लोग भी दरवाजे पर ताला लगा खिसक लिए। देर शाम तक गतिरोध की स्थिति बनी रही।
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दिनेश (35) दो माह पूर्व गांव के ही ठेकेदार तैय्यब के कहने पर लुधियाना में उनकी भवन साइट पर काम करने गया था। 29 जनवरी को कार्य के दौरान ऊंचाई से गिरकर उसकी मौत हो गई थी। बुधवार दोपहर एक बजे जब शव उसके घर पहुंचा तो परिवार के लोग दहाड़े मारकर रो पड़े । पिता भिखारी राम का कहना था कि उसके चार छोटे-छोटे बच्चे हैं। ऐसे में उनका पालन-पोषण कैसे होगा, समझ में नहीं आ रहा है। वहीं शव पहुंचने के कुछ देर बाद ही परिवार के लोगों ने ठेकेदार को बुलाने और दस लाख मुआवजा मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार के लिए शव उतारने की बात कहकर सनसनी फैला दी। प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर यादव और प्रधान हरिशंकर यादव ने परिवार के लोगों को काफी समझाया। ठेकेदार से बात कराई लेकिन वह नहीं माने। उनका कहना था कि सुरक्षा की अनदेखी के चलते दिनेश की मौत हुई है, इसलिए कम से कम दस लाख रुपये और एक साथ पूरा मुआवजा चाहिए। ऐसे में शव एंबुलेंस में ही पड़ा हुआ था।
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