सोनभद्र। प्रभारी सत्र न्यायाधीश संतराम की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में मंगलवार को गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अभियोजन के मुताबिक दुद्धी कोतवाली में 15 फरवरी 2017 को दी गई तहरीर में बभनी थाना क्षेत्र के संवरा गांव निवासी संत कुमार दुबे ने बताया उसने बेटी अर्चना की शादी 13 मई 2011 को दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के मनबसा गांव के मनोज पाठक के साथ की। उसके ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये और बाइक की मांग कर रहे थे। बेटी मायके आई तो वाकये की जानकारी हुई। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पति मनोज पाठक, ससुर भगवान पाठक एवं सास विमला देवी बेटी को प्रताड़ित करने लगे। 11 फरवरी 2017 को अर्चना को जहरीला पदार्थ खिला दिया गया। उसे दुद्धी सीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। 12 फरवरी को बीएचयू में अर्चना की मौत हो गई। जिला शासकीय अधिवक्ता रामजियावन सिंह यादव ने बताया कि आरोपित सास विमला देवी, ससुर भगवान पाठक की जमानत अर्जी पूर्व में ही खारिज हो चुकी है। अब पति मनोज पाठक की जमानत अर्जी खारिज हुई है।