सोनभद्र। जिले से सटे झारखंड की पलामू पुलिस ने सोमवार की शाम प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीपीसी के एरिया कमांडर गुड्डू यादव उर्फ अमित यादव समेत जेपीसी के चार नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं जेपीसी के नक्सलियों को पुलिस ने मनातू थाना क्षेत्र के मझोली से दबोचा है। झारखंड पुलिस का दबाव पड़ने पर नक्सली जिले में पनाह लेने की फिराक में हैं। इसका इनपुट मिलने के बाद एसपी किरीट राठोड ने बार्डर को सीआरपीएफ के हवाले कर दिया है। मंगलवार को नक्सलियों की तलाश में पुलिस ने जंगली इलाकों में कांबिंग की।
खुफिया सूत्रों की मानें तो टीपीसी का कमांडर गुड्डू यादव झारखंड के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के अंधारीबाघ गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ छतरपुर, पीपरा, हरिहरगंज, हैदरनगर, मोहम्मदगंज, विश्रामपुर एवं बिहार के टंडवा तथा नवीनगर थाने में डेढ़ दर्जन अपराधिक मामले दर्ज हैं। वह वर्ष 2008 में माओवादियों के साथ मिलकर छतरपुर के खैरादोहर के मुकेश यादव का अपहरण कर उसकी हत्या, देवगण में मारपीट करने एवं शारदा ऑटो मोबाइल के बलदेव यादव की दुकान में आगजनी व तोड़फोड़ समेत अन्य थाना क्षेत्रों में मारपीट, हत्या, लेवी लेने, पुलिस के साथ मुठभेड़ जैसे मामलों में शामिल रहा है। पलामू पुलिस ने बताया कि कुख्यात नक्सली गुड्डू के रांची के रातू थाना क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी। जिसके आधार पर पुलिस और एसटीएफ टीम ने छापामारी कर उसे गिरफ्तार किया। उधर मनातू थाना क्षेत्र से पकड़े गए नक्सलियों में लोकेंद्र यादव, हरजीत कुमार एवं प्रमोद यादव शामिल हैं। नक्सलियों द्वारा मनातू से मिटार के बीच बन रहे सड़क व पुल-पुलिया के ठेकेदार से लेवी मांगने और नहीं देने पर निर्माण कार्य में लगे वाहन एवं मशीन को क्षति पहुंचाने की सूचना मिली थी। पुलिस की टीम सूचित स्थान पर पहुंची तो नक्सली भागने लगे, लेकिन जवानों ने दौड़ाकर तीन नक्सलियों को दबोच कर उनके कब्जे से एक देशी रिवाल्वर, कारतूस और नक्सली पोस्टर बरामद किया है। पकड़े गए नक्सलियों की निशानदेही पर फरार नक्सली रविंद्र यादव, गुड्डू कुमार, विशुन देव यादव, आदित्य यादव एवं दिनेश यादव के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी खोजबीन की जा रही है।
झारखंड के पलामू पुलिस द्वारा चार नक्सलियों के गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही झारखंड से आने-जाने वाले मार्गों एवं जंगली रास्तों पर आधुनिक असलहों से लैस जवानों को तैनात कर दिया गया है। उन इलाकों के थाना प्रभारियों को सघन कांबिग करने का निर्देश दिया गया है। क्योंकि पूर्व में पड़ोसी राज्यों के पुलिस का दबाव पड़ने पर बचने के लिए नक्सली जिले के सीमावर्ती इलाकों में पनाह लेते रहे हैं।
किरीट राठोड
पुलिस अधीक्षक