ऑटोलिफ्टर गैंग खुलासे पर उठाए सवाल
ग्रामीण बोले-उघैती पुलिस ने किया फर्जी खुलासा, झूठे फंसाए लोग
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। एक बार फिर उघैती पुलिस के वर्कआउट पर सवाल उठे हैं। कुछ दिन पहले हुए ऑटोलिफ्टर वर्कआउट को गांव के लोगों ने फर्जी करार दिया है। कहा है कि पुलिस जो बाइक बरामद दिखाकर गैंग का खुलासा कर रही है। वह बाइक मिस्त्री के पास चार साल से थी। उस बाइक के चोरी होने या लूट की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हैं।
उघैती थाना पुलिस ने कुछ दिन पहले रतनपुर कोट निवासी वीरेंद्र और संजू को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उनके पास से चोरी की पांच बाइक बरामद दिखाई गईं थीं। इस मामले में वीरेंद्र की पत्नी गुड्ड़ो और संजू की पत्नी रेनू अपने गांव के दर्जनों लोगों के साथ मंगलवार सुबह एसएसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने कहा कि उनके जेठ महेंद्र के मकान का निर्माण हो रहा था। उनका मकान बनाने के लिए मिस्त्री अपनी बाइक लेकर आता था। 17 सितंबर की शाम वीरेंद्र और संजू राज मिस्त्री की बाइक लेकर कुछ सामान लेने गए थे। उसी दौरान पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया और कहा वह बाइक चोरी करते हैं और सप्लाई करते हैं। उनके खिलाफ रिपोर्ट दी गई और उन्हें जेल भेजा गया। दोनों महिलाओं के साथ आए दर्जनों लोगों ने शपथ पत्र देकर पुलिस के खुलासे को झूठा बताया। साथ ही एसपी देहात डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह से मिलकर दोबारा जांच कराने की मांग की।