ओबरा में खनन हादसे में मृत ओम प्रकाश के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने को लेकर पुलिस को मंगलवार की रात कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। परिवार वालों और ग्रामीणों ने मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर शव को उठने से रोक दिया। ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की। ओबरा और चोपन थाने की पुलिस ने मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाकर करीब एक घंटे बाद रात आठ बजे शव का पंचनामा किया और फिर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
प्रधान मजनू शाह ने बताया कि खदान संचालक ने पांच लाख रुपये का चेक दिया है। उधर घटना की जानकारी पर बुधवार को सीपीआई और खेत मजदूर यूनियन के कार्यकर्ता डॉ. आरके शर्मा के नेतृत्व में मृतक के घर पहुंचे। यहां आरके शर्मा ने खनन क्षेत्र में लगातार होने वाली घटनाओं पर चिंता जाहिर की और मृतक के परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। आरोप लगाया कि गहरी खदानों में मजदूरों से बिना हेलमेट व सुरक्षा किट्स के कार्य कराया जाना घोर लापरवाही है। उन्होंने चेताया कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान अमर नाथ सूर्य, प्रेम चंद्र गुप्ता, राज कुमार व टप्पू मौजूद रहे।