सोनभद्र। छत्तीसगढ़ के सुकमा जंगल में सोमवार की शाम हुए मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़े दो नक्सलियों के कनेक्शन सोनभद्र से जुड़े मिले है। 2010 से पूर्व इनकी सोनभद्र और सीमावर्ती इलाकों में मूवमेंट रहने के जानकारी मिलने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। एसपी ने सभी थानाध्यक्षों, सीआरपीएफ चेकपोस्ट प्रभारियों एवं अभिसूचना इकाइयों को हालात पर पैनी नजर रखने और हरपल चौकन्ना रहने का निर्देश दिया है।
सोमवार को सुकमा के नक्सल इलाकों से मतदान कराकर लौट रहे सुरक्षा बलों पर नक्सलियों ने हमला बोल दिया था। खुद का बचाव करते हुए जवानों ने दो नक्सलियों को मार गिराया और दो नक्सलियों को जिंदा गिरफ्तार कर लिया। जबकि दर्जन भर से अधिक नक्सली भागने में सफल हो गए। सूत्रों की माने तो मारे गए नक्सली की शिनाख्त मीटू निवासी पोटेनार थाना जंगला जिला बीजापुर, जोगा पोडिय़ानी निवासी बडगेडऱा थाना कुंआ कोंटा जिला दंतेवाड़ा के रूप में हुई। वहीं पकड़े गए नक्सली हिंगा कवासी निवासी डोडीपदर थाना मथाली और हड़मा निवासी चेरकोटोला थाना माथली जिला मलकानगरी के कब्जे से एक तमंचा, नौ कारतूस, तीन बंदूक, पांच इलेक्ट्रानिक डेटोनेटर, वायर आदि सामग्री मिली है। पकड़े गए नक्सलियों ने बताया कि करीब एक दशक पूर्व उनके संगठन का मूवमेंट सोनभद्र के सीमावर्ती इलाकों में रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान मे कोबरा बटालियन द्वारा नक्सलियों के सफाया के लिए अभियान चलाया जा रहा है। बचने के लिए उनके कुछ साथी पूर्व की भांति सीमावर्ती इलाकों में पनाह लेने की फिराक में है। इसका इनपुट मिलने के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। पुलिस अधीक्षक किरीट राठोड ने कहा कि छत्तीसगढ़ में माओवादियों पर बढ़ते दबाव व सीमा से सटे इलाकों में उनकी मौजूदगी की चर्चा को देखते हुए बार्डर पर फोर्स को अलर्ट कर दिया गया है।