सोनभद्र/दुद्धी। विशेष अनुसंधान शाखा वाणिज्यकर (एसआईबी) की टीम ने डाला में दो क्रशर व्यवसायियों के फर्म पर छापेमारी की। इस दौरान एक व्यवसायी के यहां 35 लाख के सामान बगैर किसी कागजात के मिले। टीम ने यहां एक एकाउंट बुक और छह पर्चे सीज कर दिया। साथ ही फर्म संचालक से जुर्माना और कर के रूप में 12 लाख 60 हजार रुपये का चेक लिया।
विशेष अनुसंधान शाखा वाणिज्यकर के संयुक्त आयुक्त ओपी सिंह के अगुवाई में नौ सदस्यीय टीम बुधवार की शाम डाला पहुंचीं। वहां टीम ने दो फर्मों के गोदामों, स्टाक व पत्रावलियों की जांच की। संयुक्त आयुक्त ओपी सिंह ने बताया कि बारी डाला में अग्रवाल इंटरप्राइजेज की छापेमारी में जो कागजात मिले हैं, उसमें करोड़ों रुपये का टर्नओवर किया गया है। लेकिन 35 लाख का स्टॉक बिना लिखा-पढ़ी में पाया गया। इस फर्म में स्टोन क्रशर के पार्ट खरीदकर और बनाकर बेचे जाते हैं। बताया कि फर्म से एकाउंट बुक और छह तरह के पर्चे सीज किए गए हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर सेल किया गया है। बिना लिखा पढ़ी में मौजूद स्टॉक पर फर्म के प्रोपराइटर से जुर्माना और टैक्स के मद में 12 लाख 60 हजार रुपये का चेक लिया गया है। उनके यहां से सीज किए गए खाताबही और लूज पर्चों को कब्जे में लेकर मुख्यालय ले जाकर चेक किया जाएगा। बताया कि प्रथमदृष्ट्या ऐसा प्रतीत होता है कि फर्म ने दो करोड़ से ऊपर का टर्नओवर छिपाया है। टीम ने स्टोन क्रशर के व्यवसायी आरती स्टोन प्रोडक्ट डाला के यहां भी छापेमारी की। इस फर्म के प्रोपराइटर ने समाधान योजना में आवेदन किया था, लेकिन एक तिमाही का रिटर्न देने के बाद शेष दो तिमाही का रिटर्न नही भरा। फर्म ने प्रथम तिमाही में सिर्फ 11 हजार रुपये का सेल दिखाया है। इनकी भी जांच की गई है। इस फर्म के भी कई कागजात और लूज पर्चे सीज किए गए हैं। संयुक्त आयुक्त आयुक्त ओपी सिंह ने बताया कि मौके पर क्रशर बंद होने से स्टॉक कम पाया गया, लेकिन करोड़ों का बिजनेस किया गया है। फर्म के सीज पर्चों की गहनता से जांच होगी। जांच टीम में डिप्टी कमिश्नर अखिलेश कुमार सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर रमेश कुमार सिंह, सिद्धार्थ सिंह, धनंजय सिंह, संजय सिंह, वाणिज्य कर अधिकारी प्रवीण पांडेय, सुरेश प्रसाद, रविकांत गौड़ शामिल रहे।