कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर बुधवार को बुड़हर कला के लेखपाल रामधनी यादव सहित पांच के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि पांचों व्यक्तियों ने साजिश के तहत अनुसूचित जाति के लल्लू की जमीन पिछड़ी जाति के संतोष को बेचवा दी है।
पन्नूगंज थाना क्षेत्र के जय मोहरा गांव के विनोद मिश्र का आरोप है कि राबर्ट्सगंज निवासी संतोष पिछड़ी जाति के हैं। डीएम की बिना अनुमति के बिना संतोष ने पीथा गांव के अनुसूचित जाति के लल्लू की भूमि को खरीद लिया। जमीन बैनामा के दौरान खरीददार और विक्रेता की जाति को छिपाया है। गवाहों ने पर बात को छुपाए रखा। लेखपाल ने भी जाति को छुपाकर झूठी रिपोर्ट दे दी। जांच होने पर मामला खुलकर सामने आया है। सीओ विवेकानंद तिवारी ने बताया कि विनोद मिश्र की तहरीर पर राबट्सगंज निवासी जमीन के खरीददार संतोष, विक्रेता लल्लू, गवाह राबर्ट्सगंज शीतला, रामविलास और पीथा के हल्का लेखपाल रहे रामधनी यादव(वर्तमान तैनाती बुड़हर कलां) के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उधर, मुकदमा दर्ज होते ही बाकी के लेखपालों में हड़कंप मच गया है। जिले में लेखपालों की मिलीभगत से अनुसूचित जाति की जमीनों को जिलाधिकारी के आदेश के बिना बेचने और खरीददने का खेल जोरों पर चल रहा है। लेखपाल खुद इस तरह की जमीनों का रजिस्ट्री आफिस में जाकर बैनामा कराते हैं। पूर्व में इस तरह की जमीनों की जांच शुरू होने वाली ही थी कि जनप्रतिनिधियों के दबाव में जांच ठंडे बस्ते में चला गया।