दुद्धी। कस्बे से दो दिन पूर्व कुछ लोगों द्वारा एक किशोरी को अगवा किए जाने के विरोध में लोगों ने नगर में जुलूस निकाल कर दुकानें बंद कराईं और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। उनका आरोप था कि पुलिस अपहृत किशोरी को बरामद करने को लेकर उदासीन है। हालात को देखते हुए एएसपी अरुण कुमार दीक्षित और एसडीएम कृपाशंकर घंटों कोतवाली में जमे रहे। साथ ही क्षेत्र में कई थानों की पुलिस के साथ चार प्लाटून पीएसी तैनात कर दी गई।
गत सोमवार की सुबह कस्बे की एक किशोरी को अगवा कर लिया गया। उसके पिता ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। आरोपियों के समुदाय विशेष से जुड़े होने पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी लेकिन देर रात तक कोई कामयाबी नहीं मिली। एएसपी ने भी रात में दुद्धी पहुंचकर वस्तुस्थिति की जानकारी ली और कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद पुलिस ने दुद्धी के मल्देवा रोड निवासी चार और गढ़वा, झारखंड के रंका निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया लेकिन किशोरी का पता न चलने और आरोपियों के पकड़ में न आने से नाराज लोग बुधवार की सुबह सड़क पर उतर आए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जिसमें विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोगों ने सुबह नौ बजे जुलूस निकालकर दुकानें भी बंद करवाई। चाय-पान तक की दुकानें बंद हो गईं। हालांकि जगह-जगह पुलिस की तैनाती से 11 बजते-बजते चाय-पान की दुकानें खुल गईं। इसके बाद लोगों ने कोतवाली के बाहर ,संकट मोचन चौक के साथ ही अन्य स्थानों पर एकत्रित होकर रोष का इजहार किया। सीओ सुनील कुमार विश्नोई ने बताया कि मामला पंजीकृत कर जगह-जगह दबिश दी जा रही है। किशोरी की जल्द बरामदगी होगी और आरोपियों के लिए तीन टीमें भी गठित की गई हैं।