सोनभद्र। राबर्ट्सगंज के पूरब मोहाल से शुक्रवार कोे नाबालिग गोलू (4), उसका भाई अंशू (3) लापता हो गया। बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में अफरातफरी मच गई। एसपी सलमान ताज पाटिल, एएसपी अरूण कुमार दीक्षित ने मौके पर पहुंच घरवालों से जानकारी ली। जिले भर में पुलिस ने वाहनों की चेकिंग, होटलों, ढाबों, बस, रेलवे स्टेशनों की जांच शुरू कर दी। चेकिंग के दौरान पांच घंटे बाद नवीन मंडी समिति में पुलिस ने मानसिक रूप से बीमार एक युवक के पास दोनों भाइयों को सकुशल बरामद कर उनके परिवार वालों को सुपुर्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार पूरब मोहाल निवासी पप्पू मजदूरी कर जीवकोपार्जन करता है। उसके बेटे गोलू और अंशू अपने घर से कुछ दूरी पर सुबह करीब सात बजे खेल रहे थे। पौने आठ बजे तक बच्चें अपने घर नहीं पहुंचे तो उनकी मां किसमती तलाश शुरू कर दी। पूछने पर आसपास के कुछ लोगों ने बताया एक युवक बच्चों को अपने साथ लेकर जा रहा था। लेकिन हम लोगों ने सोचा कि कोई रिश्तेदार होगा, इसलिए नहीं रोका।
दो घंटे तक खोजबीन करने के बाद भी पता न चलने पर पप्पू ने राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस को सूचना दी। वायरलेस सेट पर बच्चों के गायब होने की सूचना सार्वजनिक होते ही पुलिस महकमा अलर्ट हो गया। एएपी, एएसपी, नक्सल सीओ अभिनव यादव बच्चों के घर पर पहुंच जानकारी ली। एसपी के निर्देश पर जिले से सटे झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश बार्डर को सील कर दिया गया। सभी थाना क्षेत्रों में प्रभारियों की अगुवाई में वाहनों, होटलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशनों की जांच शुरू कर दी गई। दोपहर करीब एक बजे नवीन सब्जी मंडी समिति परिसर में स्थित एक सब्जी की दुकान के पास से यातायात विभाग के दारोगा रामबचन कुशवाहा ने विक्षिप्त युवक के पास से दोनों बच्चों को बरामद कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। एसपी सलमान ताज पाटिल ने कहा कि बच्चों को उनके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया गया। वहीं कांशीराम शहरी आवास में रहने वाले विक्षिप्त युवक को उनके घरवालों को दवा कराने की हिदायत देने के साथ सौंपा गया। कहा कि डीआईजी ने बच्चे को बरामद करने वाले दारोगा को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।