सोनभद्र। नकली वाल पुट्टी बरामदगी के मामले में आरोपी बनाए गए जैन बंधु की शनिवार की सुबह जेल जाने की बारी आई तो एक साथ दोनों भाईयों की तबीयत बिगड़ गई। राजेंद्र जैन और अजय जैन को जिला अस्पताल ले जाया गया। हृदय रोग का मरीज बताते हुए डॉक्टर ने दोनों भाईयों को बीएचयू रेफर कर दिया। कोतवाल ने विवेचक से लिखापढ़ी करवाकर दोनों को पचास पचास हजार के मुचलका पर रिहा भी कर दिया। इस मामले की जानकारी प्रभारी एसपी तक को नहीं दी गई। वहीं प्रभारी एसपी डा. अवधेश कुमार सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। कहा बीएचयू भेजे जाने और मुचलका पर रिहा करने की जानकारी उन्हें नहीं दी गई। वह सीओ और कोतवाल से इस मामले में जवाब तलब करेंगे।
बताते चले कि प्रकाश जीनियस इंटर कालेज के प्रबंधक राजेंद्र जैन के प्रतिष्ठान पर शुक्रवार की दोपहर पुलिस ने छापा मारकर 45 बोरी नकली जेके वाल पुट्टी बरामद किया था। कंपनी के मैनेजर सुनील कुमार की तहरीर पर पुलिस ने दोनों भाईयों पर केस दर्ज कर लिया। चूंकि जैन बंधु नगर के बड़े कारोबारी हैं इस नाते पुलिस कोतवाली में वीआईपी ट्रीटमेंट देती रही। शुक्रवार की दोपहर से लेकर रात तक कोतवाली थाने में तो शनिवार सुबह से लेकर दोपहर तक जिला अस्पताल में मैनेजमेंट का खेल चलता रहा है। सुबह आरोपियों को जिला अस्पताल मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। अस्पताल जाते समय दोनों भाई खुद चलकर इमरजेंसी पहुंचे। थोड़ी देर बाद उन्हें चक्कर आ गया। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर दयाशंकर ने जांच करने के बाद फिजिशियन केके कुमार से बात की। थोड़ी देर बाद उन्हें बीएचयू के लिए रेफर कर दिया। दोनों भाईयों को अस्पताल में एक वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। बेड पर दोनों भाई आंख बंद किए हुए लेटे रहे। वहीं बगल में विवेचक प्रमोद सिंह मुचलका पर छोड़ने की प्रक्रिया पूरी करने में जुटे रहे। दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस ने पचास पचास हजार का बांड भरवाकर रिहा कर दिया गया। वाराणसी जाते समय दोनों भाई बड़े ही आराम से कार में बैठकर गए। बाद दोपहर बीएचयू के कमरा नंबर 406 में ईसीजी हुई। सूत्रों की माने तो बीएचयू में भर्ती करने के लिए जैन बंधु और उनके नात रिश्तेदार जुगाड़ ढूंढते रहे।