सोनभद्र। चोपन ब्लॉक के देवाटन गांव में करीब दस साल पूर्व ईद मुहम्मद के खेत में बंधी का निर्माण कराए बगैर करीब साढ़े आठ लाख रुपये का गबन कर लिया गया। मुख्यमंत्री के यहां भेजे गए शिकायती पत्र पर जांच के बाद मामले का खुलासा हुआ। डीएम ने सीडीओ को मामले में पत्र जारी कर एक सप्ताह के अंदर एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। लेकिन करीब दस दिन बीत जाने के बावजूद अब तक एफआईआर नहीं हुई। सीडीओ रामाश्रय ने तो ऐसी किसी जानकारी से ही इनकार किया है।
जानकारी के अनुसार देवाटन गांव में मनरेगा योजना के तहत ईद मुहम्मद एवं मुरारी दुषाध के खेत में बंधी का निर्माण वर्ष 2006-07 की कार्ययोजना में स्वीकृत हुआ था। इसकी स्वीकृति लघु सिंचाई के तत्कालीन अवर अभियंता शिवमूर्ति राम द्वारा 10 लाख 32 हजार रूपये की प्रदान की गई थी। इसमें बंधी पर सामग्री अंश 114937 रुपये तथा मजदूरी अंश 733500 रुपये व्यय दिखा गया था। डीएम ने सीडीओ को पांच जुलाई को भेजे गए पत्र में कहा है कि इस व्यय का भुगतान तत्कालीन ग्राम प्रधान मैमुन निशा एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी गिरीश चंद श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त) ने किया था। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार देवाटन में ईद मोहम्मद एवं मुरारी दुषाध के खेत में बंधी निर्माण पर 848437 रुपये व्यय किये गए हैं एवं सईद के खेत में बंधी निर्माण के कार्य पर 926929 रुपये व्यय किये गए हैं। जांच में केवल सईद की बंधी मौके पर पाई गई और ईद मुहम्मद की बंधी पर 848437 रुपये व्यय किये जाने के बावजूद कार्य स्थल पर कोई कार्य नहीं पाया गया। डीएम ने सीडीओ को भेजे गए पत्र में दोषी के खिलाफ एफआईआर कराकर नियमानुुसार कार्यवाही का निर्देश दिया लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि सीडीओ रामाश्रय का कहना है कि ऐसा कोई पत्र उनके जानकारी में ही नहीं है। एक सप्ताह में कार्रवाई का निर्देश था और दस दिन बीत गए। जबकि जांच रिपोर्ट की एक प्रति मुख्यमंत्री के विशेष सचिव को भेजी गई है।